कुतूहल अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अपने अवलोकनों का विश्लेषण कीजिए। क्या लैंप सभी पदार्थों के लिए दीप्तिमान होता है?
उत्तर

नहीं। लैंप केवल कुछ ही पदार्थों के लिए दीप्तिमान होता है।

इसी एक अवलोकन में इस खंड का पूरा विचार समाया हुआ है:

  • जिन पदार्थों में से विद्युत-धारा सरलता से प्रवाहित होती है, वे विद्युत के चालक अथवा सुचालक कहलाते हैं।
  • जिन पदार्थों में से विद्युत-धारा प्रवाहित नहीं हो सकती, वे विद्युतरोधी अथवा विद्युत के कुचालक कहलाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: धातु में कुछ सूक्ष्म आवेशित कण पूरे टुकड़े में स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं, अतः वे धारा को एक सिरे से दूसरे सिरे तक ले जाते हैं। लकड़ी, प्लास्टिक, काँच या रबर में ये कण कसकर बँधे रहते हैं और चल नहीं सकते, इसलिए धारा नहीं बहती।
प्र2.
तालिका 3.3 में आपके द्वारा अभिलेखित अवलोकनों के आधार पर निष्कर्ष निकालिए कि कौन-से पदार्थ विद्युत के चालक हैं तथा कौन-से पदार्थ विद्युतरोधी हैं। तालिका 3.3 में इन्हें लिखिए।
उत्तर

तालिका 3.3 की वस्तुओं को पदार्थ के आधार पर छाँटने पर स्पष्ट विभाजन मिलता है:

विद्युत के चालकविद्युतरोधी (कुचालक)
धातुएँ — चाबी, सिक्का, चम्मच, पिन, सिलाई की सुई, एलुमिनियम पर्णिकालकड़ी — छड़ी, लकड़ी का टुकड़ा
पेंसिल की लीड (ग्रेफाइट)प्लास्टिक — पैमाना, तार का आवरण
 काँच — चूड़ी
 रबर — इरेज़र, कॉर्क
 कागज एवं गत्ता — कागज की पट्टी
 मोम — मोमबत्ती

मुख्य निष्कर्ष यह है कि धातुएँ विद्युत की चालक होती हैं, और इसीलिए इनसे तार बनाए जाते हैं। चाँदी, ताँबा और सोना विद्युत के सर्वोत्तम चालक हैं, फिर भी तार मुख्यतः ताँबे के बनाए जाते हैं क्योंकि इसकी लागत कम है और यह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

प्र3.
तालिका 3.3 से आपने यह भी जान लिया होगा कि प्लास्टिक और रबर विद्युतरोधी पदार्थ हैं। क्या अब आप यह समझ गए हैं कि धातु के तारों पर इन पदार्थों के आवरण क्यों चढ़ाए जाते हैं?
उत्तर

हाँ। भीतर की धातु धारा को ले जाती है; बाहर का प्लास्टिक या रबर यह सुनिश्चित करता है कि धारा हमारे हाथ तक न पहुँच सके

युक्ति का भागकिसका बना होता हैक्यों
तार का भीतरी भाग, स्विच के संपर्क, प्लग की पिनें, सॉकेट के संयोजी भागचालक (ताँबा, पीतल)इनमें से धारा का प्रवाह आवश्यक है
तार का आवरण, प्लग-टॉप, स्विच का खोल, लैंप-धारकविद्युतरोधी (प्लास्टिक, रबर, चीनी मिट्टी)इनसे धारा बाहर नहीं निकलनी चाहिए
ऐसा क्यों होता है: हमारा शरीर स्वयं विद्युत का चालक है। शरीर में से प्रवाहित होने वाली धारा गंभीर क्षति, यहाँ तक कि मृत्यु का भी कारण बन सकती है। विद्युतरोधी आवरण ही वह दीवार है जो धारा और तार पकड़ने वाले व्यक्ति के बीच खड़ी रहती है — इसीलिए फटे या उधड़े आवरण वाले तार का उपयोग कभी नहीं करना चाहिए।
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