हाँ, उस क्षण लैंप दीप्तिमान हो जाता है।
जब तक दोनों नंगे सिरे अलग हैं, परिपथ में अंतराल है और धारा नहीं बहती। जैसे ही वे परस्पर स्पर्श करते हैं, एक तार की धातु दूसरे तार की धातु से मिल जाती है, पाश पूरा हो जाता है और लैंप दीप्त हो उठता है।
सिरे स्पर्श करते हुए → परिपथ बंद → लैंप दीप्त
यह परीक्षण सिद्ध कर देता है कि सेल, लैंप और सभी जोड़ ठीक काम कर रहे हैं। अब आपका विद्युत चालन परीक्षण-यंत्र तैयार है — जो वस्तु आप दोनों मुक्त सिरों के बीच रखेंगे, वह इसी स्पर्श का स्थान ले लेगी।