कुतूहल अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.6

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
प्रत्येक संयोजन व्यवस्था के लिए पूर्वानुमान लगाइए कि लैंप दीप्तिमान होगा या नहीं। अपने पूर्वानुमान तालिका 3.1 में लिखिए।
उत्तर

पूर्वानुमान के लिए एक ही सरल नियम काम आता है: लैंप तभी दीप्तिमान होगा जब उसका एक सिरा सेल के एक टर्मिनल से और दूसरा सिरा सेल के दूसरे टर्मिनल से जुड़ा हो, ताकि धारा को घूमने के लिए अटूट पथ मिल जाए।

क्र.सं.तालिका 3.1 में सेल और लैंप किस प्रकार जुड़े हैंपूर्वानुमान
1.+ से निकला तार लैंप के एक तार से तथा – से निकला तार लैंप के दूसरे तार से जुड़ा है — दोनों जोड़ बने हैंदीप्तिमान होगा
2.केवल एक जोड़ बना है; – वाला तार और लैंप का दूसरा तार अलग-अलग पड़े हैंदीप्तिमान नहीं होगा
3.केवल – वाली ओर जोड़ बना है; + से निकला तार मुक्त पड़ा हैदीप्तिमान नहीं होगा
4.लैंप के दोनों तार एक ही बिंदु पर + वाले तार से जुड़े हैं; – वाला तार मुक्त हैदीप्तिमान नहीं होगा
5.लैंप के दोनों तार – वाले तार से जुड़े हैं; + वाला तार मुक्त हैदीप्तिमान नहीं होगा
6.पुनः लैंप का एक तार + से और दूसरा तार – से जुड़ा है — दोनों जोड़ बने हैंदीप्तिमान होगा
संकेत: पूर्वानुमान लगाने से पहले + टर्मिनल से आरंभ करके अपनी उँगली से पथ पर चलिए। यदि उँगली – टर्मिनल तक केवल लैंप से होकर ही पहुँच सके, तो लैंप अवश्य दीप्तिमान होगा।
प्र2.
अब लैंप और सेल को आपस में जोड़िए और अवलोकन कीजिए कि लैंप दीप्तिमान होता है या नहीं। अपने अवलोकनों को तालिका 3.1 में लिखिए। जो लैंप दीप्तिमान होते हैं, तालिका में उनके काँच के बल्बों पर पीला रंग लगाइए।
उत्तर

वास्तव में संयोजन करने पर क्र.सं. 1 तथा क्र.सं. 6 की व्यवस्थाओं में लैंप दीप्तिमान होता है और शेष में नहीं। अतः केवल इन्हीं दो बल्बों पर पीला रंग लगाना है।

क्र.सं.अवलोकनकारण
1.लैंप दीप्तिमान होता हैपरिपथ संपूरित — धारा + से लैंप होते हुए – तक जाती है
2.दीप्तिमान नहीं होतादूसरे जोड़ पर पाश खुला है, अतः धारा नहीं बहती
3.दीप्तिमान नहीं होता+ वाला तार मुक्त है — पाश खुला है
4.दीप्तिमान नहीं होतालैंप के दोनों सिरे एक ही तार को छू रहे हैं और – वाला तार मुक्त है
5.दीप्तिमान नहीं होतालैंप के दोनों सिरे एक ही तार को छू रहे हैं और + वाला तार मुक्त है
6.लैंप दीप्तिमान होता हैक्र.सं. 1 की भाँति ही संपूरित परिपथ
ऐसा क्यों होता है: 1 और 6 में लैंप के दोनों सिरे सेल के दो भिन्न टर्मिनलों से जुड़े हैं। 4 और 5 में दोनों सिरे एक ही टर्मिनल से जुड़े हैं, अतः एक ओर से दूसरी ओर धकेलने वाला कोई प्रभाव ही नहीं बनता। 2 और 3 में पाश केवल खुला छोड़ दिया गया है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ