कुतूहल अध्याय 2 पदार्थों का अन्वेषण — अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
अध्याय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के विज्ञान मेले से आरंभ होता है, जहाँ श्वेत कागज पर द्रव छिड़कते ही छिपा हुआ संदेश दिखाई देने लगता है। पूरा अध्याय उसी रहस्य की व्याख्या है। हमारे आस-पास के पदार्थ तीन प्रकार के होते हैं — अम्लीय , क्षारीय और उदासीन । जो पदार्थ अम्लीय और क्षारीय विलयनों में भिन्न-भिन्न रंग दर्शाते हैं वे अम्ल-क्षार सूचक कहलाते हैं। लाइकेन से प्राप्त लिटमस सबसे प्रचलित प्राकृतिक सूचक है। अम्ल नीले लिटमस को लाल तथा क्षार लाल लिटमस को नीला कर देते हैं; उदासीन पदार्थ किसी को नहीं बदलते। लाल गुलाब का अर्क अम्ल में लाल और क्षार में हरा हो जाता है। हल्दी-पत्र केवल क्षार में लाल होता है, अत: वह अम्लीय और उदासीन पदार्थों में भेद नहीं कर पाता। अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं (नींबू, आँवला, इमली, सिरका); क्षार छूने पर साबुन जैसे चिकने लगते हैं और साधारणत: कड़वे होते हैं — परंतु हर कड़वी वस
अभ्यास
- क्रियाकलाप 2.1
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 2.2
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 2.3
- क्रियाकलाप 2.4
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 2.5
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 2.6
- क्रियाकलाप 2.7
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, और अधिक सीखें
- गहन चिंतन
- अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ