कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.5 के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
किसी पात्र अथवा पेट्री डिश में एक चम्मच हल्दी लीजिए और उसमें थोड़ा पानी मिलाकर लेप बना लीजिए। [चित्र 2.9 (क)] हल्दी के लेप में फिल्टर पत्र का एक टुकड़ा सावधानीपूर्वक डुबाइए जब तक कि यह पीले रंग का न हो जाए। इसे बाहर निकालिए और सूखने दीजिए। इस पीले कागज को पतली पट्टियों में काटिए जिनका ‘हल्दी-पत्र’ के रूप में उपयोग किया जाता है। [चित्र 2.9 (ख)] हल्दी-पत्र तैयार कीजिए।
चित्र 2.9, पृष्ठ 14 — पुनःचित्रित रेखाचित्र। (क) पेट्री डिश में बनाया गया हल्दी का लेप; (ख) सूखे पीले फिल्टर पत्र को पतली पट्टियों में काटकर बनाया गया ‘हल्दी-पत्र’।
उत्तर
चार चरणों में आपका अपना सूचक-पत्र तैयार है।
पेट्री डिश में एक चम्मच हल्दी लेकर थोड़ा पानी मिलाइए — केवल इतना कि गाढ़ा लेप बने। कच्ची हल्दी पीसकर भी उतनी ही अच्छी रहती है।
फिल्टर पत्र का टुकड़ा लेप में तब तक डुबाइए जब तक वह एकसमान पीला न हो जाए।
निकालकर पूरी तरह सूखने दीजिए।
सूखे पीले कागज को पतली पट्टियों में काटिए — यही हल्दी-पत्र है। यह कार्य किसी वयस्क के निर्देशन में कीजिए।
लेप गाढ़ा और कागज पूर्णत: सूखा क्यों हो: पतले लेप से कागज पर फीका, धब्बेदार पीलापन आता है जिसमें रंग-परिवर्तन देखना कठिन है; और गीली पट्टी पर बूँद एक स्थान पर टिकने के बजाय फैल जाती है। एकसमान पीली, पूर्णत: सूखी पट्टी पर क्षार पड़ते ही स्पष्ट लाल निशान बनता है।
संकेत: फिल्टर पत्र न हो तो सादा श्वेत सोख्ता कागज या बिना चमक वाला श्वेत कागज भी चलेगा।
प्र2.
आपने क्या अवलोकन किया? क्या सभी प्रतिदर्शों से हल्दी-पत्र का रंग परिवर्तित हो जाता है?
उत्तर
नहीं। केवल कुछ ही प्रतिदर्श इसका रंग बदलते हैं — और उनमें से हर एक पीले पत्र को लाल कर देता है।
क्र.सं.
प्रतिदर्श का नाम
प्रतिदर्श की एक बूँद डालने पर हल्दी-पत्र का रंग
1.
नींबू का रस
कोई परिवर्तन नहीं (पीला ही रहता है)
2.
साबुन का विलयन
लाल हो जाता है
3.
आँवले का रस
कोई परिवर्तन नहीं
4.
इमली का पानी
कोई परिवर्तन नहीं
5.
सिरका
कोई परिवर्तन नहीं
6.
बेकिंग सोडा का विलयन
लाल हो जाता है
7.
चूने का पानी
लाल हो जाता है
8.
नल का पानी
कोई परिवर्तन नहीं
9.
कपड़े धोने के पाउडर का विलयन
लाल हो जाता है
10.
चीनी का विलयन
कोई परिवर्तन नहीं
11.
नमक का विलयन
कोई परिवर्तन नहीं
ऐसा क्यों होता है: हल्दी का पीला रंग केवल क्षारीय माध्यम में बदलता है। अम्ल और उदासीन द्रव उसे ज्यों का त्यों छोड़ देते हैं, इसीलिए केवल समूह ‘ख’ के चार प्रतिदर्शों में परिवर्तन दिखता है।
प्र3.
उन प्रतिदर्शों को समूहीकृत कीजिए जो हल्दी-पत्र का रंग परिवर्तित नहीं करते हैं। तालिका 2.2 में दिए गए समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के प्रतिदर्शों के साथ इनकी तुलना कीजिए।
समूह ‘क’ (नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं)
समूह ‘ख’ (लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं)
समूह ‘ग’ (किसी भी लिटमस पत्र को प्रभावित नहीं करते)
नींबू का रस
साबुन का विलयन
नल का पानी
आँवले का रस
बेकिंग सोडा का विलयन
चीनी का विलयन
इमली का पानी
चूने का पानी
नमक का विलयन
सिरका
कपड़े धोने के पाउडर का विलयन
तालिका 2.2 — परीक्षण किए गए उपर्युक्त प्रतिदर्शों का समूहन — पृष्ठ 9। शीर्षक पुस्तक के अनुसार; प्रविष्टियाँ क्रियाकलाप 2.1 में अभिलेखित की गई हैं।
उत्तर
हल्दी-पत्र को पीला ही रहने देने वाले प्रतिदर्श हैं: नींबू का रस, आँवले का रस, इमली का पानी, सिरका, नल का पानी, चीनी का विलयन और नमक का विलयन।
तालिका 2.2 से तुलना करें तो यह संपूर्ण समूह ‘क’ और संपूर्ण समूह ‘ग’ है — अर्थात अम्लीय और उदासीन पदार्थ एक साथ। केवल समूह ‘ख’ अलग हो पाता है।
तालिका 2.2 का समूह
प्रकृति
हल्दी-पत्र
समूह ‘क’
अम्लीय
कोई परिवर्तन नहीं — पीला ही
समूह ‘ख’
क्षारीय
लाल हो जाता है
समूह ‘ग’
उदासीन
कोई परिवर्तन नहीं — पीला ही
यह महत्वपूर्ण क्यों है: हल्दी केवल दो परिणाम देती है — लाल या अपरिवर्तित — जबकि पहचाननी हैं तीन प्रकृतियाँ। दो उत्तर तीन वस्तुओं को नाम नहीं दे सकते, अत: समूह ‘क’ और ‘ग’ को एक ही परिणाम साझा करना पड़ता है।
प्र4.
क्या अम्लीय पदार्थों की जाँच के लिए हल्दी-पत्र को सूचक के रूप में उपयोग किया जा सकता है? अपने अवलोकनों पर सहपाठियों से चर्चा कीजिए।
उत्तर
नहीं। हल्दी-पत्र का उपयोग केवल क्षारीय पदार्थों के परीक्षण के लिए किया जा सकता है। यह अम्लीय और उदासीन पदार्थों के मध्य भेद नहीं कर सकता, क्योंकि दोनों उसे पीला ही छोड़ देते हैं।
हल्दी-पत्र लाल हो जाए → पदार्थ क्षारीय हल्दी-पत्र पीला ही रहे → पदार्थ अम्लीय या उदासीन — बताया नहीं जा सकता कि कौन-सा
तब क्या कीजिए: जिस प्रतिदर्श से हल्दी-पत्र पीला ही रहा, उस पर नीला लिटमस लगाइए। नीला लाल हो जाए तो प्रतिदर्श अम्लीय है; उसमें भी परिवर्तन न हो तो उदासीन। एक के बाद एक दो सूचक तीनों स्थितियों को सुलझा देते हैं।
क्या आप जानते हैं? इसीलिए श्वेत कमीज़ पर लगा कढ़ी का दाग साबुन लगाते ही लाल हो जाता है — साबुन क्षारीय है और कढ़ी की हल्दी आपकी कमीज़ पर सूचक का काम कर रही है। खूब पानी से धोइए, लाल रंग फिर पीला हो जाएगा।