कुतूहल अध्याय 2 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
हाइड्रेंजिया एक पौधा है जो हिमालयी क्षेत्र और पूर्वोत्तर राज्यों में ठंडी जलवायु में उगता है। इसमें मृदा की प्रकृति के आधार पर भिन्न-भिन्न रंगों के पुष्प खिलते हैं। अम्लीय मृदा में नीले रंग के पुष्प खिलते हैं जबकि क्षारीय मृदा में गुलाबी या लाल रंग के पुष्प खिलते हैं। क्या माली मृदा की अम्लीय अथवा क्षारीय प्रकृति को समायोजित कर हाइड्रेंजिया के भिन्न-भिन्न रंगों के पुष्पों को उगा सकते हैं?
उत्तर

हाँ, कर सकते हैं — और माली वास्तव में ऐसा करते भी हैं।

  • नीले पुष्प चाहिए तो माली मृदा को अधिक अम्लीय बनाता है — जैसे कम्पोस्ट की गई पत्तियाँ या चीड़ की सूखी पत्तियाँ मिलाकर।
  • गुलाबी या लाल पुष्प चाहिए तो मृदा को अधिक क्षारीय बनाता है — जैसे उसमें चूना मिलाकर।
ऐसा क्यों होता है: हाइड्रेंजिया के पुष्प में एक ऐसा रंजक होता है जो सूचक की भाँति व्यवहार करता है, और मृदा की प्रकृति तय करती है कि पौधा उस रंजक का कौन-सा रूप पंखुड़ियों तक पहुँचाएगा। इस प्रकार यह झाड़ी भूमि में जमा हुआ जीवित लिटमस पत्र है — जो रंग दिखता है वही मृदा का पाठ है।
क्या आप जानते हैं? परिवर्तन तत्काल नहीं होता। पौधे को जड़ों द्वारा नई मृदा-प्रकृति ग्रहण करनी पड़ती है, अत: माली पुष्पकाल से कई महीने पहले मृदा का उपचार आरंभ कर देता है।
प्र2.
हमने क्रियाकलाप 2.1 में नीले और लाल लिटमस पत्र का उपयोग किया है। क्या आप कुछ अन्य प्राकृतिक सूचकों के द्वारा भी कागज की पट्टियाँ बना सकते हैं?
उत्तर

हाँ। विधि सदा एक ही है: किसी गहरे रंग के पादप-अर्क में सादा कागज भिगोइए, सुखाइए और पतली पट्टियों में काट लीजिए।

रंगीन पादप-अर्क या लेप
→ उसमें फिल्टर पत्र डुबाइए
→ छाया में सुखाइए
→ पतली पट्टियों में काटिए
आपका अपना सूचक-पत्र

हल्दी सबसे सरल है — क्रियाकलाप 2.5 यही करता है। बैंगनी पत्तागोभी, चुकंदर और लाल गुड़हल के अर्क से भी अच्छी पट्टियाँ बनती हैं।

पट्टियाँ सुविधाजनक क्यों हैं: पट्टी को प्रतिदर्श की केवल एक बूँद चाहिए, वह गिरती नहीं, शीघ्र सूख जाती है और जेब में रखकर मृदा या तालाब के जल का परीक्षण मौके पर ही किया जा सकता है। अर्क की बोतल यह सब नहीं कर सकती।
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