कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.4

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
बिंदुपाती (ड्रॉपर) की सहायता से परखनली ‘क’ में नींबू के रस की 20–30 बूँदें डालिए और परखनली ‘ख’ में साबुन के विलयन की 20–30 बूँदें डालिए। दिए गए अर्क में किसी भी प्रकार के रंग-परिवर्तन (चित्र 2.8) को देखिए और उन्हें तालिका 2.3 में अभिलेखित कीजिए।
उत्तर

दोनों परखनलियाँ बिल्कुल भिन्न दिखने लगती हैं, ठीक जैसा चित्र 2.8 में है।

  • परखनली ‘क’ (नींबू का रस): अर्क स्पष्ट लाल हो जाता है।
  • परखनली ‘ख’ (साबुन का विलयन): अर्क हरा हो जाता है।

क्रियाकलाप 2.1 के अन्य प्रतिदर्शों के साथ दोहराने पर तालिका 2.3 इस प्रकार भरती है।

क्र.सं.प्रतिदर्श का नामप्रतिदर्श मिलाने पर गुलाब के अर्क का रंग परिवर्तनपदार्थ की प्रकृति
1.नींबू का रसलालअम्लीय
2.साबुन का विलयनहराक्षारीय
3.आँवले का रसलालअम्लीय
4.इमली का पानीलालअम्लीय
5.सिरकालालअम्लीय
6.बेकिंग सोडा का विलयनहराक्षारीय
7.चूने का पानीहराक्षारीय
8.नल का पानीकोई परिवर्तन नहींउदासीन
9.कपड़े धोने के पाउडर का विलयनहराक्षारीय
10.चीनी का विलयनकोई परिवर्तन नहींउदासीन
11.नमक का विलयनकोई परिवर्तन नहींउदासीन
संकेत: प्रत्येक परखनली में अर्क की समान बूँदें डालिए। यदि किसी में अर्क अधिक होगा तो रंगों की निष्पक्ष तुलना संभव नहीं होगी।
प्र2.
जो प्रतिदर्श पुष्प के अर्क का रंग परिवर्तित कर उसे लाल कर देते हैं, क्या ये वही प्रतिदर्श हैं जो नीले लिटमस पत्र का रंग लाल कर देते हैं? [समूह ‘क’, तालिका 2.2]
उत्तर

हाँ — ठीक वही समुच्चय: नींबू का रस, आँवले का रस, इमली का पानी और सिरका, अर्थात संपूर्ण समूह ‘क’

ऐसा क्यों होता है: दोनों रंजक एक ही बात बता रहे हैं — अम्ल की उपस्थिति। लिटमस इसे नीले से लाल होकर बताता है, गुलाब का अर्क लाल होकर। दो भिन्न सूचक, एक ही गुण।
प्र3.
जो प्रतिदर्श पुष्प के अर्क का रंग परिवर्तित कर उसे हरा कर देते हैं, क्या ये वही प्रतिदर्श हैं जो लाल लिटमस पत्र का रंग नीला कर देते हैं? [समूह ‘ख’, तालिका 2.2]
उत्तर

हाँ — साबुन का विलयन, बेकिंग सोडा का विलयन, चूने का पानी और कपड़े धोने के पाउडर का विलयन, अर्थात संपूर्ण समूह ‘ख’

ऐसा क्यों होता है: इन चारों में क्षार है। लाल लिटमस ‘क्षार’ का उत्तर नीला होकर देता है और गुलाब का अर्क हरा होकर। रंग अलग हैं, संदेश एक ही।
प्र4.
जो प्रतिदर्श पुष्प के अर्क का रंग परिवर्तित नहीं करते हैं, क्या ये वही प्रतिदर्श हैं जिनसे लाल और नीले लिटमस पत्र का रंग परिवर्तित नहीं होता है? [समूह ‘ग’, तालिका 2.2]
उत्तर

हाँ — नल का पानी, चीनी का विलयन और नमक का विलयन, अर्थात संपूर्ण समूह ‘ग’

ऐसा क्यों होता है: ये उदासीन हैं। इनमें न अम्ल है न क्षार, अत: सूचक को प्रतिक्रिया करने के लिए कुछ नहीं मिलता और गुलाब का अर्क अपना मूल गुलाबी-लाल रंग बनाए रखता है, ठीक जैसे लिटमस पत्र अपने मूल रंग में रहे थे।
तीनों उत्तर मिलकर क्या सिद्ध करते हैं: सूचक किसी एक रंजक का जादू नहीं है। कोई भी अम्ल-क्षार सूचक इन्हीं ग्यारह प्रतिदर्शों को इन्हीं तीन समूहों में बाँटता है — यही कारण है कि लाल गुलाब का अर्क एक वास्तविक अम्ल-क्षार सूचक है।
प्र5.
क्या अब आप तालिका 2.3 में पदार्थों की प्रकृति लिख सकते हैं?
उत्तर

हाँ — रंग देखिए और प्रकृति सीधे लिख दीजिए।

लाल गुलाब का अर्क लाल हो जाए → पदार्थ अम्लीय
लाल गुलाब का अर्क हरा हो जाए → पदार्थ क्षारीय
अर्क में कोई परिवर्तन नहीं → पदार्थ उदासीन

इस नियम से — नींबू का रस, आँवले का रस, इमली का पानी और सिरका अम्लीय; साबुन का विलयन, बेकिंग सोडा का विलयन, चूने का पानी और कपड़े धोने के पाउडर का विलयन क्षारीय; नल का पानी, चीनी का विलयन और नमक का विलयन उदासीन हैं। पूर्ण स्तंभ ऊपर प्र.1 की तालिका में दिया है।

यहाँ लाल गुलाब का अर्क हल्दी से बेहतर क्यों है: यह तीन अलग-अलग परिणाम देता है, अत: तीनों प्रकृतियों में भेद कर सकता है। हल्दी-पत्र, जैसा क्रियाकलाप 2.5 में दिखेगा, केवल दो परिणाम देता है और अम्लीय तथा उदासीन में अंतर नहीं कर पाता।
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