दोनों परखनलियाँ बिल्कुल भिन्न दिखने लगती हैं, ठीक जैसा चित्र 2.8 में है।
- परखनली ‘क’ (नींबू का रस): अर्क स्पष्ट लाल हो जाता है।
- परखनली ‘ख’ (साबुन का विलयन): अर्क हरा हो जाता है।
क्रियाकलाप 2.1 के अन्य प्रतिदर्शों के साथ दोहराने पर तालिका 2.3 इस प्रकार भरती है।
| क्र.सं. | प्रतिदर्श का नाम | प्रतिदर्श मिलाने पर गुलाब के अर्क का रंग परिवर्तन | पदार्थ की प्रकृति |
|---|---|---|---|
| 1. | नींबू का रस | लाल | अम्लीय |
| 2. | साबुन का विलयन | हरा | क्षारीय |
| 3. | आँवले का रस | लाल | अम्लीय |
| 4. | इमली का पानी | लाल | अम्लीय |
| 5. | सिरका | लाल | अम्लीय |
| 6. | बेकिंग सोडा का विलयन | हरा | क्षारीय |
| 7. | चूने का पानी | हरा | क्षारीय |
| 8. | नल का पानी | कोई परिवर्तन नहीं | उदासीन |
| 9. | कपड़े धोने के पाउडर का विलयन | हरा | क्षारीय |
| 10. | चीनी का विलयन | कोई परिवर्तन नहीं | उदासीन |
| 11. | नमक का विलयन | कोई परिवर्तन नहीं | उदासीन |