प्र1.
अम्लीय अथवा क्षारीय पदार्थों और प्राकृतिक सूचकों का उपयोग करके रंगोली बनाइए।
उत्तर
विचार यह है कि रंगीन चूर्ण के स्थान पर रंग स्वयं उभरे जैसे-जैसे आप छिड़कते जाएँ।
- आधार बनाइए। बड़े श्वेत कागज पर हल्दी चूर्ण की पतली परत फैलाइए अथवा हल्दी के लेप से डिज़ाइन बनाकर सुखाइए। अब आपके पास स्वर्णिम-पीली रंगोली है।
- क्षार से चित्र बनाइए। रुई की तीली या निचोड़ने वाली बोतल से साबुन के विलयन, बेकिंग सोडा के विलयन या चूने के पानी से रेखाएँ, पंखुड़ियाँ और बिंदियाँ बनाइए। हर स्पर्श तत्काल लाल हो जाएगा।
- दूसरा रंग जोड़िए। कागज के दूसरे भाग पर लाल गुलाब या बैंगनी पत्तागोभी के अर्क की परत लगाइए, फिर नींबू के रस से लाल और साबुन के विलयन से हरा बनाइए।
- विज्ञान भी दिखाइए। रंगोली के पास एक छोटा कार्ड रखिए जिसमें लिखा हो कि किस पदार्थ से कौन-सा रंग बना और क्यों।
| आधार परत | किससे बनाया | उभरने वाला रंग |
|---|---|---|
| हल्दी | साबुन या बेकिंग सोडा का विलयन | लाल |
| बैंगनी पत्तागोभी का अर्क | नींबू का रस | लालिमा लिए गुलाबी |
| बैंगनी पत्तागोभी का अर्क | धोने के सोडा का विलयन | हरा |
| लाल गुलाब का अर्क | चूने का पानी | हरा |
संकेत: अख़बार बिछाकर काम कीजिए, द्रवों को नामांकित बिंदुपातियों में रखिए और बाद में हाथ धोइए। यह रंगोली कागज पर बनाइए, ऐसे फर्श पर नहीं जिसे बाद में रगड़ना पड़े।