प्र1.
यदि लिटमस उपलब्ध नहीं है तो क्या ऐसे अन्य प्राकृतिक पदार्थ हैं जिनका अम्ल-क्षार सूचक के रूप में उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर
हाँ — अनेक हैं, और अधिकांश आपकी रसोई या बगीचे में ही मिल जाएँगे। कोई भी गहरे रंग का पादप-भाग, जिसका रंग अम्ल या क्षार में बदलता हो, सूचक बन सकता है।
| प्राकृतिक सूचक | अम्ल में रंग | क्षार में रंग |
|---|---|---|
| लाल गुलाब का अर्क | लाल | हरा |
| हल्दी | पीला ही रहता है | लाल |
| बैंगनी पत्तागोभी का अर्क | लालिमा लिए गुलाबी | हरा |
| चुकंदर का अर्क | लाल-गुलाबी ही रहता है | पीलापन लिए |
| लाल गुड़हल (हिबिस्कस) | गुलाबी से लाल | हरा |
| जामुन | चटख लाल-गुलाबी | मटमैला हरा |
इतने सारे पुष्प क्यों काम करते हैं: पंखुड़ियों और फलों का लाल, गुलाबी और बैंगनी रंग एंथोसाइएनिन नामक रंजकों के कुल से आता है, और ये रंजक चारों ओर के द्रव के अम्लीय या क्षारीय होने पर अपना रूप — और इसलिए रंग — बदल लेते हैं। लाइकेन का लिटमस इसी बड़े कुल का सबसे प्रसिद्ध सदस्य है।
यह कीजिए: दो गिलासों में जामुन का रस लीजिए। एक में नींबू का रस और दूसरे में बेकिंग सोडा का विलयन डालिए। दोनों देखकर विश्वास ही नहीं होगा कि ये एक ही फल से बने हैं।