कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.2

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या तालिका 2.2 के समूह ‘क’ में सभी पदार्थ खाने योग्य हैं? क्या आपने कभी इन खाद्य पदार्थों का स्वाद चखा है? क्या आपको उनके स्वाद का स्मरण है?
उत्तर

हाँ — समूह ‘क’ के सभी पदार्थ खाने योग्य हैं: नींबू का रस, आँवले का रस, इमली का पानी और सिरका — चारों भारतीय रसोई में प्रयुक्त होते हैं। और चारों का स्वाद खट्टा है।

इससे क्या पता चलता है: जिन चार प्रतिदर्शों ने नीले लिटमस को लाल किया, वही चार खट्टे भी हैं। अत: खट्टे स्वाद वाले पदार्थों में अम्ल होता है और वे अम्लीय प्रकृति के होते हैं — जीभ और लिटमस दोनों एक ही उत्तर देते हैं।
सावधानी: पुस्तक की चेतावनी महत्वपूर्ण है — जब तक कहा न जाए तब तक कुछ भी न चखें; किसी भी अज्ञात पदार्थ का स्वाद न चखें। समूह ‘ख’ के पदार्थ जैसे कपड़े धोने के पाउडर का विलयन हानिकारक हैं। स्वाद केवल उन्हीं खाद्य पदार्थों का संकेत है जिन्हें आप पहले से खाते हैं।
प्र2.
निम्नलिखित पदार्थों में उपस्थित सामान्य अम्लों के नाम पता कीजिए और लिखिए — नींबू________, दही________, इमली________, सिरका________।
उत्तर
पदार्थउपस्थित सामान्य अम्ल
नींबूसिट्रिक अम्ल
दहीलैक्टिक अम्ल
इमलीटार्टरिक अम्ल
सिरकाऐसीटिक अम्ल

पुस्तक का चित्र 2.4 चार और उदाहरण देता है — संतरा: सिट्रिक अम्ल; आँवला: सिट्रिक अम्ल एवं एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C); इमली: टार्टरिक अम्ल; टमाटर: सिट्रिक अम्ल एवं ऑक्सेलिक अम्ल।

नाम खाद्य पदार्थ जैसे क्यों लगते हैं: इनमें से अनेक अम्ल सबसे पहले उसी पदार्थ से निकाले गए और उसी के नाम पर रखे गए — सिट्रिक नींबू-वर्गीय फलों से, लैक्टिक दूध से (लैक्ट = दूध), टार्टरिक मदिरा-पात्रों में जमे टार्टर से और ऐसीटिक लैटिन शब्द ऐसीटम यानी सिरके से।
क्या आप जानते हैं? दही केवल इसलिए खट्टा है क्योंकि दूध का किण्वन हुआ है। ताज़ा दूध लगभग उदासीन होता है; जामन के जीवाणु दूध की शर्करा से लैक्टिक अम्ल बनाते हैं और वही अम्ल दही जमाता भी है और खट्टापन भी देता है।
प्र3.
आइए, अब समूह ‘ख’ से एक पदार्थ का विलयन लेते हैं, जैसे — बेकिंग सोडा। बेकिंग सोडा के विलयन को अपनी उंगलियों के बीच रगड़ें। आपने क्या अनुभव किया?
उत्तर

यह उंगलियों के बीच साबुन जैसा चिकना लगता है।

ऐसा क्यों होता है: यह चिकनापन क्षार की पहचान है। क्षारीय विलयन त्वचा पर उपस्थित तेल और प्रोटीन की पतली परत से अभिक्रिया कर उसका कुछ भाग साबुन जैसे पदार्थ में बदल देता है — अर्थात आप वस्तुत: अपनी उंगलियों पर थोड़ा-सा साबुन बना रहे हैं। क्षारीय पदार्थ सामान्यतया छूने पर चिकने होते हैं।

क्षार साधारणत: स्वाद में कड़वे भी होते हैं — परंतु पुस्तक एक महत्वपूर्ण चेतावनी देती है: हर कड़वे पदार्थ में क्षार नहीं होता। करेले का स्वाद कड़वा है परंतु वह क्षारीय प्रकृति का नहीं है।

संकेत: बाद में हाथ अच्छी तरह धो लीजिए। कपड़े धोने के पाउडर का विलयन जैसे तीव्र क्षार इसी कारण चिकने लगते हैं और त्वचा को हानि पहुँचा सकते हैं — इसीलिए सुरक्षित परीक्षण सदा लिटमस है, स्पर्श नहीं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ