कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.1

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आपने नीले लिटमस के टुकड़ों के रंग में किसी परिवर्तन का अवलोकन किया? तालिका 2.1 में अपने अवलोकनों को अभिलेखित कीजिए।
उत्तर

हाँ। कुछ ही प्रतिदर्श नीले लिटमस के टुकड़ों को लाल कर देते हैं; शेष उन्हें नीला ही रहने देते हैं।

नीले टुकड़े नींबू के रस, आँवले के रस, इमली के पानी और सिरके से लाल हो जाते हैं। साबुन का विलयन, बेकिंग सोडा का विलयन, चूने का पानी, कपड़े धोने के पाउडर का विलयन, नल का पानी, चीनी का विलयन और नमक का विलयन उन्हें नीला ही रहने देते हैं।

ऐसा क्यों होता है: लिटमस एक ऐसा रंजक है जिसका रंग अम्ल में एक और क्षार में दूसरा होता है। जिन चार प्रतिदर्शों ने इसे लाल किया उन सभी में अम्ल है। शेष में अम्ल नहीं है, अत: नीला रंग बना रहता है।
संकेत: प्रत्येक प्रतिदर्श के लिए लिटमस का नया टुकड़ा और अलग बिंदुपाती लीजिए। नींबू के रस वाली बिंदुपाती से चूने का पानी डालने पर परिणाम गलत आएगा।
प्र2.
यही क्रियाकलाप चित्र 2.2 (ख) में दर्शाए अनुसार लाल लिटमस पत्र के टुकड़ों के साथ दोहराइए और अपने अवलोकनों को तालिका 2.1 में अभिलेखित कीजिए।
उत्तर

अब ठीक विपरीत प्रतिदर्श अभिक्रिया करते हैं। लाल लिटमस के टुकड़े साबुन के विलयन, बेकिंग सोडा के विलयन, चूने के पानी और कपड़े धोने के पाउडर के विलयन से नीले हो जाते हैं, शेष सभी के साथ लाल ही रहते हैं।

दोनों परीक्षणों को मिलाकर तालिका 2.1 इस प्रकार पूर्ण होती है।

क्र.सं.प्रतिदर्श का नामप्रतिदर्श की एक बूँद डालने के पश्चात नीले लिटमस पत्र का रंगप्रतिदर्श की एक बूँद डालने के पश्चात लाल लिटमस पत्र का रंग
1.नींबू का रसलाल हो जाता हैकोई परिवर्तन नहीं (लाल ही रहता है)
2.साबुन का विलयनकोई परिवर्तन नहीं (नीला ही रहता है)नीला हो जाता है
3.आँवले का रसलाल हो जाता हैकोई परिवर्तन नहीं
4.इमली का पानीलाल हो जाता हैकोई परिवर्तन नहीं
5.सिरकालाल हो जाता हैकोई परिवर्तन नहीं
6.बेकिंग सोडा का विलयनकोई परिवर्तन नहींनीला हो जाता है
7.चूने का पानीकोई परिवर्तन नहींनीला हो जाता है
8.नल का पानीकोई परिवर्तन नहींकोई परिवर्तन नहीं
9.कपड़े धोने के पाउडर का विलयनकोई परिवर्तन नहींनीला हो जाता है
10.चीनी का विलयनकोई परिवर्तन नहींकोई परिवर्तन नहीं
11.नमक का विलयनकोई परिवर्तन नहींकोई परिवर्तन नहीं
12.अन्य — दहीलाल हो जाता हैकोई परिवर्तन नहीं
तालिका पढ़ने का नियम: कोई भी प्रतिदर्श दोनों पत्रों को नहीं बदलता। नीला लाल हुआ तो प्रतिदर्श अम्लीय, लाल नीला हुआ तो क्षारीय, और कुछ न बदला तो उदासीन। यही एक नियम पूरी तालिका 2.1 है।
प्र3.
आइए, अब तालिका 2.1 का विश्लेषण करें और प्रतिदर्शों को तीन समूहों में निम्नानुसार वर्गीकृत करें — समूह ‘क’ में वे प्रतिदर्श हैं जो नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। समूह ‘ख’ में वे प्रतिदर्श हैं जो लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। समूह ‘ग’ में वे प्रतिदर्श हैं जो दोनों ही प्रकार के लिटमस पत्र को प्रभावित नहीं करते हैं। अवलोकनों को तालिका 2.2 में अभिलेखित कीजिए।
उत्तर

तालिका 2.1 की बारह प्रविष्टियों को छाँटने पर तालिका 2.2 इस प्रकार बनती है।

समूह ‘क’
(नीले लिटमस को लाल करते हैं)
समूह ‘ख’
(लाल लिटमस को नीला करते हैं)
समूह ‘ग’
(किसी पत्र को प्रभावित नहीं करते)
नींबू का रससाबुन का विलयननल का पानी
आँवले का रसबेकिंग सोडा का विलयनचीनी का विलयन
इमली का पानीचूने का पानीनमक का विलयन
सिरकाकपड़े धोने के पाउडर का विलयन
दही (अन्य)

अध्याय अगले पृष्ठ पर स्वयं बताता है — समूह ‘क’ अम्लीय, समूह ‘ख’ क्षारीय और समूह ‘ग’ उदासीन प्रकृति के हैं।

स्वयं जाँचिए: अपनी ओर से एक प्रतिदर्श जोड़िए — संतरे का रस, दही का पानी, टूथपेस्ट का विलयन या फर्श साफ करने वाला द्रव — और पृष्ठ 10 पढ़ने से पहले अनुमान लगाइए कि वह किस स्तंभ में जाएगा।
प्र4.
चूने का पानी कैसे तैयार करें?
उत्तर

चूना (कैल्शियम ऑक्साइड) को जल में मिलाइए, मिश्रण को लगभग एक घंटे तक अबाधित रखिए, फिर स्वच्छ द्रव को दूसरे पात्र में छान लीजिए। यही निस्यंद चूने का पानी है।

चूना (कैल्शियम ऑक्साइड) + जल
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन
→ लगभग 1 घंटे तक अबाधित रखिए
→ छानिए
चूने का पानी
छानना क्यों आवश्यक है: कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड की बहुत थोड़ी मात्रा ही घुलती है; शेष श्वेत चूर्ण के रूप में तल में बैठ जाता है। दूधिया द्रव में रंग-परिवर्तन दिखाई ही नहीं देगा, अत: केवल ऊपर का स्वच्छ द्रव लिया जाता है।
संकेत: ‘चूने का पानी’ को नींबू (लाइम फल) से न भ्रमित कीजिए। चूने का पानी क्षारीय है जबकि नींबू का रस अम्लीय — दोनों लिटमस पर बिल्कुल विपरीत व्यवहार करते हैं।
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