प्र1.
टॉर्च में हम सामान्यतः एक से अधिक सेलों का उपयोग करते हैं। क्या वे इसमें किसी विशेष क्रम में लगे होते हैं?
उत्तर
हाँ। उन्हें एक निश्चित क्रम में ही लगाना पड़ता है — एक सेल का धनात्मक सिरा अगले सेल के ऋणात्मक सिरे से जुड़ा हुआ।
सही: [– सेल +] [– सेल +] → पहले की + टोपी दूसरे की – चकती से मिलती है
गलत: [– सेल +] [+ सेल –] → समान टर्मिनल आमने-सामने आ जाते हैं और सेल एक-दूसरे का विरोध करते हैं
गलत: [– सेल +] [+ सेल –] → समान टर्मिनल आमने-सामने आ जाते हैं और सेल एक-दूसरे का विरोध करते हैं
जब सेल सही क्रम में लगे होते हैं तो यह संयोजन बैटरी कहलाता है और लैंप दीप्त होता है। यदि एक सेल उलटा लगा दिया जाए तो दोनों सेल धारा को विपरीत दिशाओं में धकेलते हैं, उनके प्रभाव कट जाते हैं और लैंप दीप्त नहीं होता।
संकेत: किसी रिमोट या खिलौने के सेल-कोष्ठ में झाँककर देखिए — वहाँ सेलों को सही क्रम में रखने के लिए छोटे-छोटे '+' और '–' चिह्न मुद्रित मिलेंगे।