प्र1.
उनके क्रम बदल कर वापस प्रकोष्ठ में रखिए। एक सेल की दिशा उलट करके भी प्रयोग दोहराइए। स्विच को खिसकाइए और जाँचिए कि क्या प्रत्येक प्रकरण में इसका लैंप दीप्त होता है।
उत्तर
लैंप केवल उन्हीं व्यवस्थाओं में दीप्त होता है जिनमें एक सेल का धन टर्मिनल दूसरे सेल के ऋण टर्मिनल को स्पर्श करता है।
| दोनों सेल किस प्रकार लगे हैं | सेल सहयोग करते हैं या विरोध? | लैंप |
|---|---|---|
| – + – + | पहले का + दूसरे के – से मिलता है — परस्पर सहयोग | दीप्त होता है |
| – + + – | + से + मिलता है — परस्पर विरोध | दीप्त नहीं होता |
| + – – + | – से – मिलता है — परस्पर विरोध | दीप्त नहीं होता |
| + – + – | पहले का – दूसरे के + से मिलता है — परस्पर सहयोग | दीप्त होता है |
ऐसा क्यों होता है: + से – जोड़े गए दो सेल अपने प्रभावों को जोड़ देते हैं, अतः तंतु में इतनी धारा प्रवाहित होती है कि वह दीप्त हो जाए। + से + (अथवा – से –) जोड़े गए सेल विपरीत दिशाओं में धकेलते हैं, उनके प्रभाव कट जाते हैं और लगभग कोई धारा नहीं बहती।