कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.2 के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
एक विद्युत सेल लीजिए। इसे सभी तरफ से ध्यानपूर्वक देखिए (चित्र 3.2)। क्या आप विद्युत सेल पर धन (+) चिह्न और ऋण (–) चिह्न अंकित देखते हैं?
चित्र 3.2, पृष्ठ 25 — विद्युत सेल, इसके दोनों सिरे अंकित हैं।
उत्तर
हाँ। प्रत्येक सेल के बाहरी आवरण पर एक सिरे पर + चिह्न और दूसरे सिरे पर – चिह्न मुद्रित होता है।
ये दोनों चिह्न सेल के दो टर्मिनलों के नाम बताते हैं:
सेल पर अंकित चिह्न
टर्मिनल का नाम
संक्षेप
+
धनात्मक टर्मिनल
धन (+)
–
ऋणात्मक टर्मिनल
ऋण (–)
संकेत: एल.ई.डी. जोड़ते समय तथा बैटरी में सेल लगाते समय ये चिह्न अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं, अतः परिपथ बनाते समय इनकी उपेक्षा कभी न कीजिए।
प्र2.
क्या आप यह भी देखते हैं कि इसके एक सिरे पर एक उभरी हुई धातु की टोपी है और दूसरे सिरे पर धातु की डिस्क है?
उत्तर
हाँ — और ये केवल सजावट नहीं, स्वयं टर्मिनल ही हैं।
सेल का भाग
कैसा दिखता है
कौन-सा टर्मिनल
धातु की टोपी
एक सिरे पर बाहर निकली हुई छोटी उभरी हुई टोपी
धनात्मक (+) टर्मिनल
धातु की चकती
दूसरे सिरे को ढकती चपटी धातु की डिस्क
ऋणात्मक (–) टर्मिनल
अतः यदि सेल पर छपे चिह्न घिस भी जाएँ, तब भी उभरी हुई टोपी को छूकर आप टर्मिनलों की पहचान कर सकते हैं।
ऐसा क्यों होता है: टोपी और चकती ही सेल के वे दो धातु भाग हैं जिनसे तार जोड़ा जा सकता है। इनके बीच का सारा भाग सेल का रासायनिक पदार्थ है जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है। इसीलिए विद्युत सेल को विद्युत ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत कहा जाता है।