कुतूहल अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.2

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
एक विद्युत सेल लीजिए। इसे सभी तरफ से ध्यानपूर्वक देखिए (चित्र 3.2)। क्या आप विद्युत सेल पर धन (+) चिह्न और ऋण (–) चिह्न अंकित देखते हैं?
उत्तर

हाँ। प्रत्येक सेल के बाहरी आवरण पर एक सिरे पर + चिह्न और दूसरे सिरे पर चिह्न मुद्रित होता है।

ये दोनों चिह्न सेल के दो टर्मिनलों के नाम बताते हैं:

सेल पर अंकित चिह्नटर्मिनल का नामसंक्षेप
+धनात्मक टर्मिनलधन (+)
ऋणात्मक टर्मिनलऋण (–)
संकेत: एल.ई.डी. जोड़ते समय तथा बैटरी में सेल लगाते समय ये चिह्न अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं, अतः परिपथ बनाते समय इनकी उपेक्षा कभी न कीजिए।
प्र2.
क्या आप यह भी देखते हैं कि इसके एक सिरे पर एक उभरी हुई धातु की टोपी है और दूसरे सिरे पर धातु की डिस्क है?
उत्तर

हाँ — और ये केवल सजावट नहीं, स्वयं टर्मिनल ही हैं।

सेल का भागकैसा दिखता हैकौन-सा टर्मिनल
धातु की टोपीएक सिरे पर बाहर निकली हुई छोटी उभरी हुई टोपीधनात्मक (+) टर्मिनल
धातु की चकतीदूसरे सिरे को ढकती चपटी धातु की डिस्कऋणात्मक (–) टर्मिनल

अतः यदि सेल पर छपे चिह्न घिस भी जाएँ, तब भी उभरी हुई टोपी को छूकर आप टर्मिनलों की पहचान कर सकते हैं।

ऐसा क्यों होता है: टोपी और चकती ही सेल के वे दो धातु भाग हैं जिनसे तार जोड़ा जा सकता है। इनके बीच का सारा भाग सेल का रासायनिक पदार्थ है जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है। इसीलिए विद्युत सेल को विद्युत ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत कहा जाता है।
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