अपने एक सामान्य दिन को घंटे-दर-घंटे याद कीजिए और उन सब कामों पर निशान लगाइए जिनमें विद्युत लगती है। यही इस सूची को बनाने का सही तरीका है।
नमूना उत्तर — दो दिन विद्युत न होने पर:
| समय | जो कार्य मैं नहीं कर पाऊँगा/पाऊँगी |
|---|---|
| प्रातःकाल | ऊपर की टंकी में पानी चढ़ाना, गीजर से गर्म पानी लेना, मिक्सर में मसाला पीसना, ब्रेड सेंकना, विद्यालय की पोशाक इस्तरी करना, दूरदर्शन पर समाचार देखना |
| विद्यालय/कार्य के घंटे | कक्षा में पंखे एवं प्रकाश का उपयोग, संगणक अथवा प्रोजेक्टर चलाना, मोबाइल चार्ज करना, लिफ्ट का उपयोग, विद्यालय का जल-शीतक चलाना |
| संध्या | पढ़ने के लिए बत्ती जलाना, पंखा या कूलर चलाना, दूरदर्शन देखना, कपड़े धोने की मशीन तथा विद्युत सिलाई मशीन चलाना |
| रात्रि | रेफ्रिजरेटर में दूध एवं सब्जियाँ रखना, सड़क की बत्तियों के सहारे चलना, आपातकालीन लैंप चार्ज करना |
| किसी भी समय | ए.टी.एम. से पैसे निकालना, फोटोकॉपी कराना, दुकान की कार्ड मशीन का उपयोग, जल-शोधक चलाना |
फिर भी जो चलता रहेगा — वह सब जो सेल या बैटरी से चलता है: टॉर्च, दीवार-घड़ी, कलाई-घड़ी, बैटरी समाप्त होने तक मोबाइल फोन, सेल वाला रेडियो। इसी कारण अध्याय में सेल को विद्युत ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत कहा गया है।