कुतूहल अध्याय 3 अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कल्पना कीजिए कि किसी समस्या के कारण आपके क्षेत्र में दो दिनों के लिए विद्युत की आपूर्ति बाधित हो जाती है। अपने दैनिक जीवन की किन-किन क्रियाओं को आप कर पाने में असमर्थ होंगे, उनकी सूची बनाइए।
उत्तर

अपने एक सामान्य दिन को घंटे-दर-घंटे याद कीजिए और उन सब कामों पर निशान लगाइए जिनमें विद्युत लगती है। यही इस सूची को बनाने का सही तरीका है।

नमूना उत्तर — दो दिन विद्युत न होने पर:

समयजो कार्य मैं नहीं कर पाऊँगा/पाऊँगी
प्रातःकालऊपर की टंकी में पानी चढ़ाना, गीजर से गर्म पानी लेना, मिक्सर में मसाला पीसना, ब्रेड सेंकना, विद्यालय की पोशाक इस्तरी करना, दूरदर्शन पर समाचार देखना
विद्यालय/कार्य के घंटेकक्षा में पंखे एवं प्रकाश का उपयोग, संगणक अथवा प्रोजेक्टर चलाना, मोबाइल चार्ज करना, लिफ्ट का उपयोग, विद्यालय का जल-शीतक चलाना
संध्यापढ़ने के लिए बत्ती जलाना, पंखा या कूलर चलाना, दूरदर्शन देखना, कपड़े धोने की मशीन तथा विद्युत सिलाई मशीन चलाना
रात्रिरेफ्रिजरेटर में दूध एवं सब्जियाँ रखना, सड़क की बत्तियों के सहारे चलना, आपातकालीन लैंप चार्ज करना
किसी भी समयए.टी.एम. से पैसे निकालना, फोटोकॉपी कराना, दुकान की कार्ड मशीन का उपयोग, जल-शोधक चलाना

फिर भी जो चलता रहेगा — वह सब जो सेल या बैटरी से चलता है: टॉर्च, दीवार-घड़ी, कलाई-घड़ी, बैटरी समाप्त होने तक मोबाइल फोन, सेल वाला रेडियो। इसी कारण अध्याय में सेल को विद्युत ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत कहा गया है।

यह करके देखिए: यह भी लिखिए कि इसके बदले आप क्या करेंगे — दिन के प्रकाश में पढ़ना, गैस चूल्हे पर खाना बनाना, बाल्टियों में पानी भर लेना। एक अच्छी परियोजना में 'क्या रुकेगा' के साथ 'लोग कैसे काम चलाएँगे' की तुलना भी होती है।
प्र2.
एक सौर-पैनल (चित्र 3.22 क) को विद्युत ऊर्जा स्रोत के रूप में उपयोग करते हुए एक खिलौने वाले पंखे (चित्र 3.22 ख) को चलाने के लिए चित्र 3.22 (ग) में दर्शाए अनुसार एक परिपथ बनाइए।
उत्तर

सौर-पैनल यहाँ केवल सेल अथवा बैटरी का स्थान लेता है — परिपथ के विषय में आपने जो कुछ सीखा है, वह सब ज्यों-का-त्यों लागू रहता है।

आवश्यक वस्तुएँ: एक छोटा सौर-पैनल, एक खिलौने वाला पंखा (छोटी मोटर पर लगा प्लास्टिक का पंखा), दो संयोजी तार जिनके सिरों से आवरण हटा हो, तथा तेज धूप।

कार्यविधि:

  1. सौर-पैनल के दोनों टर्मिनल पहचानिए; वे प्रायः + (लाल तार) एवं (काला तार) से चिह्नित होते हैं।
  2. एक संयोजी तार से पैनल का एक टर्मिनल खिलौना-पंखे की मोटर के एक टर्मिनल से जोड़िए।
  3. दूसरे तार से पैनल का दूसरा टर्मिनल मोटर के दूसरे टर्मिनल से जोड़िए। अब पाश पूरा हो गया
  4. पैनल को तेज धूप में सीधा रखिए। पंखा घूमने लगेगा।
  5. अब पैनल को हाथ अथवा गत्ते से ढक दीजिए। पंखा धीमा होकर रुक जाएगा — इससे सिद्ध होता है कि स्रोत तार नहीं, पैनल है।

रिपोर्ट में लिखने योग्य अवलोकन:

  • पंखा तब सबसे तेज चलता है जब पैनल सूर्य के सामने सीधा हो; तिरछा करने या छाया पड़ने पर धीमा हो जाता है।
  • दोनों तार आपस में बदल देने पर पंखा उलटी दिशा में घूमता है — धारा की दिशा बदलने से मोटर की दिशा बदल जाती है।
  • कमरे के साधारण बल्ब के नीचे पंखा नहीं चलता या बहुत धीमा चलता है — सूर्य का प्रकाश कमरे के प्रकाश से कहीं अधिक तीव्र होता है।
ऐसा क्यों होता है: सौर-पैनल सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदल देता है, ठीक जैसे सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है। दोनों दिष्ट धारा (डी.सी.) देते हैं, इसलिए एक ही सरल परिपथ दोनों के साथ काम कर जाता है।
प्र3.
किसी विद्युत-उपकरणों की दुकान पर जाइए। दुकानदार की सहायता से दुकान में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के सेलों की पहचान कीजिए। प्रत्येक सेल के लिए पता लगाइए कि यह किस युक्ति (युक्तियों) में प्रयुक्त होता है (होते हैं)? इस पर एक रिपोर्ट बनाइए।
उत्तर

एक कॉपी साथ ले जाइए, दुकानदार से प्रत्येक प्रकार का सेल दिखाने को कहिए और उसका आकार, आमाप, अंकित विवरण तथा उपयोग लिख लीजिए। किसी सेल को खोलिए या छेड़िए मत।

नमूना रिपोर्ट — दुकान में सामान्यतः मिलने वाले सेल:

सेल का प्रकारकैसा दिखता हैकिन युक्तियों में प्रयुक्त
ए.ए. (पेंसिल सेल)बेलनाकार, लगभग 5 cm लंबाटॉर्च, दीवार-घड़ी, टी.वी. रिमोट, खिलौने
ए.ए.ए.बेलनाकार, ए.ए. से पतला एवं छोटाछोटे रिमोट, संगणक का माउस, डिजिटल थर्मामीटर
सी एवं डी सेलमोटे बेलनबड़ी टॉर्च, आपातकालीन लैंप, ट्रांजिस्टर रेडियो
9 V बैटरीछोटा आयताकार खंड जिसके ऊपर दो टर्मिनलमल्टीमीटर, धुआँ-चेतावनी यंत्र, छोटी प्रयोग किटें
बटन सेलसिक्के जैसा चपटा एवं गोलकलाई-घड़ी, श्रवण सहायक यंत्र, कैलकुलेटर, कार की चाबी
पुनरावेशीय (लिथियम-आयन) बैटरीचपटा पैकेट अथवा बेलन, जिस पर 'रिचार्जेबल' लिखा होमोबाइल फोन, लैपटॉप, पावर बैंक, विद्युत वाहन
लेड-अम्ल बैटरीबड़ा, भारी डिब्बा जिस पर दो मोटे टर्मिनलकार, घर का इन्वर्टर

यह भी पता लगाकर लिखिए: प्रत्येक सेल पर अंकित वोल्टता (अधिकांश पेंसिल सेलों पर 1.5 V, आयताकार बैटरी पर 9 V, अनेक बटन सेलों पर 3 V), मूल्य, कितने समय चलता है, तथा इनमें से कौन-से पुनः आवेशित किए जा सकते हैं।

क्या आप जानते हैं? प्रयुक्त सेलों को साधारण कूड़ेदान में कभी नहीं डालना चाहिए। इनके भीतर के रसायन मिट्टी और जल को हानि पहुँचा सकते हैं, अतः इन्हें बैटरी-संग्रह अथवा ई-कचरा पात्र में ही डालना चाहिए। अपनी रिपोर्ट में इस विषय पर भी एक पंक्ति अवश्य जोड़िए।
प्र4.
अपने घर में पाई जाने वाली वस्तुओं की सूची तीन शीर्षकों के अंतर्गत बनाइए — (i) ऐसी वस्तुएँ जो केवल विद्युतरोधी हैं। (ii) ऐसी वस्तुएँ जो केवल विद्युत की चालक हैं। (iii) ऐसी वस्तुएँ जिनके कुछ भाग विद्युतरोधी हैं और कुछ भाग विद्युत के चालक हैं।
उत्तर

घर में घूमिए और प्रत्येक वस्तु के लिए एक ही प्रश्न पूछिए: यह किस पदार्थ की बनी है? फिर उसे उपयुक्त स्तंभ में रख दीजिए।

नमूना उत्तर:

(i) केवल विद्युतरोधी(ii) केवल विद्युत-चालक(iii) दोनों प्रकार के भाग वाली
प्लास्टिक की बाल्टीइस्पात की चम्मचपेचकस — धातु की छड़ एवं प्लास्टिक का हत्था
लकड़ी की कुर्सी, लकड़ी का पैमानालोहे की कील, सेफ्टी-पिनविद्युत तार — भीतर ताँबा, बाहर प्लास्टिक
काँच का गिलास, काँच की चूड़ीएलुमिनियम पर्णिका, ताँबे का सिक्काप्लग-टॉप — प्लास्टिक के खोल में पीतल की पिनें
रबर का इरेज़र, रबर की चप्पलपीतल का ताला, इस्पात का पैमानाटॉर्च — प्लास्टिक के खोल में धातु के संपर्क
मोमबत्ती, सूती कपड़ा, कागज, चीनी मिट्टी का कपलोहे की चाबी, इस्पात की थालीस्विच-बोर्ड, प्लास्टिक के हत्थे वाली विद्युत इस्तरी, बेकेलाइट के हत्थों वाला प्रेशर कुकर
ऐसा क्यों होता है: तीसरा वर्ग सबसे रोचक है। जहाँ हमें विद्युत का उपयोग भी करना है और युक्ति को छूना भी है, वहाँ डिजाइनर उस स्थान पर चालक लगाता है जहाँ धारा को जाना है और वहाँ विद्युतरोधी लगाता है जहाँ हमारा हाथ जाता है। बिजली मिस्त्री का पेचकस, प्लग-टॉप और विद्युत तार — तीनों इसी एक विचार पर बने हैं।
यह करके देखिए: स्तंभ (iii) की कोई वस्तु उठाइए और उँगली से ठीक वह स्थान दिखाइए जहाँ चालक समाप्त होकर विद्युतरोधी आरंभ होता है। वही सीमा उपयोगकर्ता को सुरक्षित रखती है।
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