कुतूहल अध्याय 4 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका 4.1 का विश्लेषण कीजिए। उन वस्तुओं की पहचान कीजिए जो द्युतिमय और कठोर हैं।
उत्तर

द्युतिमय और कठोर वस्तुएँ हैं — ताँबे का टुकड़ा, ऐलुमिनियम का टुकड़ा और लोहे की कील

द्युतिमय + कठोर → ताँबा, ऐलुमिनियम, लोहा → ये धातुएँ हैं
द्युतिहीन + कम कठोर → कोयला, सल्फर, लकड़ी

ताँबे, ऐलुमिनियम और लोहे द्वारा प्रदर्शित इस चमक को विशेष नाम दिया गया है — धात्विक द्युति

ऐसा क्यों होता है: धातु की सतह प्रकाश को समान रूप से परावर्तित करती है, इसलिए वह चमकती है। कोयला और सल्फर प्रकाश को चारों ओर बिखेर देते हैं, इसलिए कितना भी चमकाइए वे फीके ही दिखते हैं।
प्र2.
क्या सभी धातुएँ कठोर और ठोस होती हैं?
उत्तर

नहीं। “कठोर और ठोस” धातुओं का सामान्य नियम है, अपवादरहित नियम नहीं।

  • सोडियम और पोटैशियम धातुएँ हैं, फिर भी वे इतनी नरम हैं कि चाकू से काटी जा सकती हैं
  • पारा एक ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहती है — कक्षा 6 जिज्ञासा के अध्याय ‘ताप एवं उसका मापन’ में आपने इसे तापमापी में देखा है।
सुझाव: विज्ञान में पहले सामान्य गुण याद कीजिए, फिर प्रसिद्ध अपवाद। धातुओं के दो अपवाद अवश्य याद रखिए — सबसे नरम: सोडियम और पोटैशियम; द्रव: पारा।
प्र3.
हथौड़े से पीटने पर कौन-सी वस्तुएँ सपाट हो गईं हैं?
उत्तर

ताँबे का टुकड़ा, लोहे की कील और ऐलुमिनियम का टुकड़ा पीटने पर सपाट हो गए।

बिना टूटे पतली चादर में बदल जाना = आघातवर्धनीयता
अधिकांश धातुएँ आघातवर्धनीय हैं; सोना और चाँदी सर्वाधिक आघातवर्धनीय हैं।

इसका प्रमाण आपके चारों ओर है — मिठाइयों पर लगा चाँदी का वर्क और खाद्य वस्तुओं को लपेटने वाला ऐलुमिनियम पत्रक दोनों ही धातु की पीटी हुई चादरें हैं।

प्र4.
क्या आप धातुओं से बनी चादरों के कुछ उदाहरण दे सकते हैं?
उत्तर
  • बर्फी और अन्य मिठाइयों पर चाँदी का वर्क — कागज से भी पतली पीटी हुई चाँदी।
  • रोटी लपेटने और भोजन पैक करने का ऐलुमिनियम पत्रक
  • ताँबे की चादरें जिनसे तवा, परात और मंदिरों की छतें बनती हैं।
  • छत, बाल्टी और पेटी बनाने वाली गैल्वेनाइज्ड लोहे की चादरें
  • मूर्तियों और पारंपरिक सजावट में प्रयुक्त सोने का वर्क
क्या आप जानते हैं? सोने को इतनी पतली चादर में पीटा जा सकता है कि उसके आर-पार प्रकाश हरी आभा लिए निकल जाता है। यह आघातवर्धनीयता की चरम सीमा है।
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