प्र1.
तालिका 4.1 का विश्लेषण कीजिए। उन वस्तुओं की पहचान कीजिए जो द्युतिमय और कठोर हैं।
तालिका 4.1 — विभिन्न वस्तुओं अथवा सामग्रियों का स्वरूप, कठोरता एवं उन पर हथौड़े का प्रभाव (पृष्ठ 43 पर छपी रिक्त तालिका)।
| क्र.सं. | वस्तु/सामग्री | प्रगटन (द्युतिमय/द्युतिहीन) | कठोर/नरम | हथौड़े से मारने पर प्रभाव (चपटा होना/टुकड़ों में टूटना) |
|---|---|---|---|---|
| 1. | ताँबे का टुकड़ा | |||
| 2. | ऐलुमिनियम का टुकड़ा | |||
| 3. | लोहे की कील | |||
| 4. | कोयले का टुकड़ा | |||
| 5. | सल्फर का टुकड़ा (मटर के दाने के आकार का) | |||
| 6. | लकड़ी का टुकड़ा |
उत्तर
द्युतिमय और कठोर वस्तुएँ हैं — ताँबे का टुकड़ा, ऐलुमिनियम का टुकड़ा और लोहे की कील।
द्युतिमय + कठोर → ताँबा, ऐलुमिनियम, लोहा → ये धातुएँ हैं
द्युतिहीन + कम कठोर → कोयला, सल्फर, लकड़ी
द्युतिहीन + कम कठोर → कोयला, सल्फर, लकड़ी
ताँबे, ऐलुमिनियम और लोहे द्वारा प्रदर्शित इस चमक को विशेष नाम दिया गया है — धात्विक द्युति।
ऐसा क्यों होता है: धातु की सतह प्रकाश को समान रूप से परावर्तित करती है, इसलिए वह चमकती है। कोयला और सल्फर प्रकाश को चारों ओर बिखेर देते हैं, इसलिए कितना भी चमकाइए वे फीके ही दिखते हैं।