कुतूहल अध्याय 4 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आप धातु के तारों का उपयोग कहाँ देखते हैं?
उत्तर
धातु का तार कहाँ दिखता हैकौन-सी धातु और क्यों
घर की विद्युत परिपथ व्यवस्था (विद्युत फिटिंग)ताँबा या ऐलुमिनियम — विद्युत के सुचालक
आभूषण — चूड़ियाँ, गले का हार, कानों के झुमकेसोना, चाँदी — अत्यधिक तन्य, इसलिए महीन तार खींचकर मोड़े जा सकते हैं
तंतु वाद्ययंत्र — वीणा, सितार, वायलिन, गिटारस्टील, पीतल — तना हुआ धातु का तार कंपित होकर स्पष्ट स्वर देता है
चाय छानने की छलनी, चलनी, तार की जालीस्टील का तार बुनकर बनाई गई जाली
झूलते सेतुओं और क्रेन की रस्सियाँस्टील का तार, जो भारी भार वहन कर सकता है

यह सब जिस गुण के कारण संभव है वह है तन्यता — सामग्रियों का वह गुण जिसके द्वारा उन्हें तार में खींचा जा सकता है।

क्या आप जानते हैं? सोना इतना तन्य है कि इसके एक ग्राम से दो किलोमीटर लंबा तार खींचा जा सकता है
प्र2.
क्या आपने कभी कोयले या सल्फर से बने हुए तार देखे हैं?
उत्तर

स्पष्ट है कि नहीं। कोयले या सल्फर का तार आज तक किसी ने नहीं देखा और न देख सकेगा।

ताँबे की छड़ को खींचिए → वह पतली होती चली जाती है → तन्य
कोयले या सल्फर की छड़ को खींचिए → तुरंत टूट जाती है → तन्य नहीं
ऐसा क्यों होता है: तार बनने के लिए सामग्री का बिना टूटे खिंचना आवश्यक है। धातु में कण एक-दूसरे पर फिसलकर भी जुड़े रहते हैं। कोयले और सल्फर में वे फिसल नहीं पाते, इसलिए खींचते ही टुकड़ा चटक जाता है। कोयला और सल्फर अधातुएँ हैं, और अधातुएँ न आघातवर्धनीय होती हैं न तन्य।
प्र3.
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब धातु की चम्मच, धातु की प्लेट या धातु का सिक्का धरातल पर गिरता है तो कैसी ध्वनि उत्पन्न होती है? यह ध्वनि कोयले अथवा लकड़ी के टुकड़े को धरातल पर गिरने से उत्पन्न होने वाली ध्वनि से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर

अंतर सुनने में सरलता से पकड़ में आता है।

गिराई गई वस्तुउत्पन्न ध्वनिकितनी देर रहती है
धातु की चम्मच, धातु की प्लेट, सिक्कास्पष्ट निनाद (झंकार वाली) ध्वनिगिरने के बाद भी क्षण भर गूँजती है
कोयले का टुकड़ा, लकड़ी का गुटकाहल्की, भोथरी ध्वनिगिरते ही समाप्त

धातुओं का यह गुण जिसके कारण वे निनाद ध्वनि उत्पन्न करते हैं, ध्वानिकता कहलाता है और धातुओं को ध्वानिक प्रकृति का कहा जाता है।

ऐसा क्यों होता है: धातु पर आघात होने पर वह कुछ समय तक कंपित होती रहती है और ये कंपन कान तक लंबे, स्पष्ट स्वर के रूप में पहुँचते हैं। कोयला और लकड़ी लगभग तुरंत कंपन बंद कर देते हैं, इसलिए केवल छोटी, हल्की ध्वनि सुनाई देती है।
क्या आप जानते हैं? विद्यालय की घंटी की ध्वनि और घुँघरुओं की झंकार — दोनों धातुओं की ध्वानिकता का ही परिणाम हैं।
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