कुतूहल अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
जब किसी वस्तु में परिवर्तन हो जाता है तो क्या हम उसे पुनः उसके मूल स्वरूप में ला सकते हैं?
उत्तर

कभी हाँ, कभी नहीं। परिवर्तन दो समूहों में बँट जाते हैं — जिन्हें उत्क्रमित किया जा सकता है और जिन्हें नहीं।

जिन्हें उत्क्रमित किया जा सकता हैजिन्हें उत्क्रमित नहीं किया जा सकता
बर्फ का पिघलना — जल को पुनः जमाकर बर्फ बनाई जा सकती हैसब्जियाँ काटना — कटे टुकड़े अपने मूल आमाप एवं आकृति में नहीं लौट सकते
जल का वाष्पित होना — वाष्प को संघनित कर पुनः जल बनाया जा सकता हैपॉपकॉर्न बनाना — यह कभी पुनः मक्का का दाना नहीं बन सकता
रूमाल की तह लगाना, गुब्बारा फुलाना, जल में चीनी घोलनालकड़ी का जलना, लोहे में जंग लगना, दूध का फटना
ऐसा क्यों होता है: यदि परिवर्तन ने केवल पदार्थ की आकृति, आमाप अथवा अवस्था बदली है तो पदार्थ अब भी विद्यमान है और प्रायः पुनः प्राप्त किया जा सकता है। परंतु यदि परिवर्तन में नया पदार्थ बना है तो पुराना पदार्थ समाप्त हो चुका है, अतः उसे लौटाया नहीं जा सकता। इसीलिए अधिकांश रासायनिक परिवर्तन अनुत्क्रमणीय होते हैं।
संकेत: उत्क्रमणीय और भौतिक एक ही बात नहीं हैं। गुब्बारे का फटना और चॉक का चूरा करना भौतिक होते हुए भी अनुत्क्रमणीय हैं। नए पदार्थ की जाँच सदैव अलग से कीजिए।
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