एक घंटे बाद का अवलोकन: मिश्रण झागदार एवं बुलबुलेदार हो जाता है, उसमें से हल्की खट्टी, डबल रोटी जैसी गंध आती है, और गुब्बारा धीरे-धीरे फूलकर खड़ा हो जाता है। स्पष्ट है कि बोतल के भीतर कोई गैस बन रही है।
चूने के पानी के साथ अवलोकन: गुब्बारे की गैस को ताजा चूने के पानी के साथ हिलाने पर चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
निष्कर्ष: खमीर द्वारा बनाई गई गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। खमीर एक जीवित कवक है; यह शक्कर को अपना भोजन बनाकर उसका विघटन करता है और कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त करता है। आटे में यही गैस असंख्य छोटे बुलबुलों के रूप में फँस जाती है, आटे को ऊपर उठाती है और उसमें छिद्र बना देती है — इसी से डबल रोटी फूली हुई और मुलायम बनती है।
शक्कर + खमीर → कार्बन डाइऑक्साइड + अन्य पदार्थ
कार्बन डाइऑक्साइड + चूने का पानी → कैल्सियम कार्बोनेट (श्वेत, अघुलनशील) + जल → दूधिया
संकेत: गुनगुने जल का उपयोग कीजिए, अधिक गरम का नहीं। खमीर जीवित है — बहुत गरम जल उसे मार देता है और फिर गुब्बारा कभी नहीं फूलेगा। बोतल को किसी गरम स्थान पर रखने से परिणाम शीघ्र मिलता है।