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किशोर विशेषकर किशोरवय लड़कियाँ शरीर में लौह तत्त्व अथवा विटामिन B12 की कमी के कारण बहुधा रक्त-संबंधी स्वास्थ्य विकारों से पीड़ित होती हैं। ऐसे स्वास्थ्य विकारों के बारे में पता लगाइए।
उत्तर
ऐसा सबसे सामान्य विकार रक्ताल्पता (एनीमिया) है। रक्ताल्पता में रक्त में स्वस्थ लाल रक्त कणिकाओं अथवा उनमें उपस्थित हीमोग्लोबिन की मात्रा पर्याप्त नहीं होती। हीमोग्लोबिन ही ऑक्सीजन ले जाता है, अतः शरीर के प्रत्येक अंग को आवश्यकता से कम ऑक्सीजन मिलती है।
| किसकी कमी | स्वास्थ्य विकार | लक्षण |
|---|---|---|
| लौह तत्त्व (आयरन) | लौह तत्त्व की कमी से होने वाली रक्ताल्पता | थकान और दुर्बलता, त्वचा, नाखून तथा पलक के भीतरी भाग का पीला पड़ना, थोड़े परिश्रम पर साँस फूलना, चक्कर आना, कक्षा में ध्यान न लगना, सिरदर्द |
| विटामिन B12 (या फोलिक अम्ल) | बड़ी लाल रक्त कणिकाओं वाली रक्ताल्पता | थकान, पीलापन, जीभ में जलन, हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन, दुर्बलता, स्मरणशक्ति कमजोर होना |
किशोरवय लड़कियाँ अधिक प्रभावित क्यों: किशोरावस्था की तीव्र वृद्धि के लिए शरीर को अतिरिक्त लौह तत्त्व चाहिए और लड़कियों के शरीर से प्रति माह मासिक धर्म के दौरान कुछ रक्त भी निकलता है। यदि आहार से पर्याप्त लौह तत्त्व न मिले तो शरीर का संचय घट जाता है और रक्ताल्पता हो जाती है।
स्वयं देखिए: निचली पलक को धीरे से नीचे खींचकर उसका भीतरी भाग देखिए। स्वस्थ व्यक्ति में यह गुलाबी होता है। अत्यधिक पीला या सफेद दिखना उन संकेतों में से एक है जिन्हें चिकित्सक देखते हैं। पुष्टि केवल रक्त जाँच से ही होती है।