कुतूहल अध्याय 6 क्रियाकलाप 6.3: आइए, सूची बनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों, स्वास्थ्यवर्धक खाद्य स्रोतों और इनमें उपस्थित ये पोषक वृद्धि और विकास में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इनके आधार पर तालिका 6.3 को भरिए।
उत्तर

किशोरावस्था द्रुत वृद्धि का काल है, अतः इस समय पौष्टिक आहार का अत्यधिक महत्व होता है। अपने आस-पास उपलब्ध खाद्य पदार्थों से तालिका 6.3 के रिक्त स्थान भरिए। एक पूर्ण उदाहरण नीचे दिया गया है।

तालिका 6.3 — खाद्य स्रोत, उनमें उपस्थित पोषक और उन पोषकों के कार्य
खाद्य स्रोतइनसे प्राप्त होने वाले पोषकइन पोषकों के कार्य
दूध, श्री अन्न (मिलेट), दही, पनीर और चीज़
तथा रागी, तिल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ
कैल्सियम, प्रोटीन, वसाअस्थियों की इष्टतम वृद्धि में सहायता करना; शरीर का निर्माण करना और ऊर्जा का संचय करना
दालें, राजमा, चना, सोयाबीन, मूँगफली, अंडा, मछली, माँस, दूधप्रोटीनसमुचित वृद्धि, बल प्राप्त करने में सहायता करना और ऊर्जा स्तर बढ़ाने में सहायता करना — प्रोटीन शरीर का निर्माण और मरम्मत करते हैं
पालक, राजमा और सूखे मेवे जैसे किशमिश और अंजीर
तथा गुड़, बाजरा, चौलाई के पत्ते
आयरन (लौह तत्त्व)रक्त के बनने में सहायता करना, जो शरीर के प्रत्येक भाग तक ऑक्सीजन पहुँचाता है
चावल, गेहूँ की रोटी, ज्वार, बाजरा, आलू, केलाकार्बोहाइड्रेटपढ़ने, खेलने और इस अवस्था की तीव्र वृद्धि के लिए आवश्यक ऊर्जा देना
आँवला, अमरूद, संतरा, नींबू, पपीता, गाजर, मौसमी सब्जियाँविटामिन और खनिजसंक्रमण से रक्षा करना, आँखों और त्वचा को स्वस्थ रखना तथा शरीर द्वारा लौह तत्त्व के अवशोषण में सहायता करना
स्थानीय भोजन ही सर्वोत्तम क्यों: मिलेट की रोटी, दाल और एक हरी सब्जी वे ही पोषक देती हैं जो कोई महँगा डिब्बाबंद खाद्य देता है — पर वे ताजा, सस्ता और सुलभ हैं। श्री अन्न (मिलेट) में कैल्सियम और लौह तत्त्व विशेष रूप से अधिक होते हैं।
सुझाव: जैसा चित्र में दोनों साथी कहते हैं — समुचित वृद्धि और खेल के मैदान में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट चाहिए, तथा पर्याप्त मात्रा में वसा, विटामिन और खनिज भी। कोई एक खाद्य सब कुछ नहीं देता, इसलिए थाली में विविधता होनी चाहिए।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ