प्र1.
पर्चियों पर लिखे अनुसार विद्यार्थियों में सामान्यतः दृष्टिगत परिवर्तन कौन-से थे? इन्हें तालिका 6.1 में सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर
जब पूरी कक्षा की पर्चियाँ खोलकर पढ़ी जाती हैं तो कुछ ही परिवर्तन बार-बार सामने आते हैं। ये किशोरावस्था के परिवर्तन हैं — बाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य की वह अवस्था जो लगभग 10 वर्ष की आयु से आरंभ होती है। कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों में सामान्यतः देखे गए अवलोकनों से भरी हुई तालिका 6.1 इस प्रकार है।
| तालिका 6.1 — वृद्धि (बड़े होने) के दौरान होने वाले सर्वाधिक सामान्य परिवर्तन | ||
|---|---|---|
| क्र.सं. | परिवर्तन | आपके अवलोकन |
| 1. | लंबाई/कद | लगभग सभी की लंबाई बढ़ी है; यह वृद्धि तीव्र होती है और अनेक लड़कियों में यह उसी कक्षा के लड़कों से एक-दो वर्ष पहले आरंभ हो जाती है। |
| 2. | भार और बल | लंबाई के साथ भार भी बढ़ता है। लड़कों के कंधे और सीना चौड़े होते हैं। लड़के-लड़कियाँ दोनों अधिक देर तक दौड़ सकते हैं और भारी बस्ता उठा सकते हैं। |
| 3. | स्वरूप | बगल और जघन क्षेत्र में बाल आने लगते हैं। लड़कों के चेहरे पर हल्की मूँछें एवं अन्य बाल आते हैं। चेहरे पर मुँहासे (ऐक्नी) निकलते हैं। लड़कियों में स्तनों का विकास होता है। |
| 4. | आवाज | लड़कों की आवाज भारी हो जाती है और गले में कंठमणि का उभार दिखता है। लड़कियों की आवाज में बहुत कम परिवर्तन होता है। |
| 5. | व्यवहार और संवेग | मनोदशा में बारंबार परिवर्तन, प्रबल पसंद-नापसंद, संकोच, एकांत की इच्छा, मित्रों के साथ अधिक समय बिताना, नए शौकों में गहरी रुचि। |
पर्चियों पर नाम क्यों नहीं लिखते: ये व्यक्तिगत परिवर्तन हैं और किसी को भी लक्षित या उपहास का पात्र नहीं बनना चाहिए। बिना नाम लिखे कक्षा इन परिवर्तनों पर खुलकर और वैज्ञानिक दृष्टि से चर्चा कर पाती है — यही इस क्रियाकलाप का उद्देश्य है।
मुख्य बात: इन सभी परिवर्तनों का समय, प्रकृति और मात्रा हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है। जिस सहपाठी की लंबाई अभी कम है या जिसके चेहरे पर अभी बाल नहीं आए, उसका विकास भी पूर्णतः सामान्य है।