प्र1.
क्या आप कुछ ऐसे प्रौद्योगिकी विकास के विषय में सोच सकते हैं, जिसने आपके आस-पास के लोगों और समुदाय के जीवन को प्रभावित किया है? इस विषय पर अपने घर और आस-पड़ोस के वरिष्ठ सदस्यों से चर्चा करें।
उत्तर
वरिष्ठ सदस्यों से वास्तविक उत्तर कैसे निकालें। यह मत पूछिए कि “क्या प्रौद्योगिकी ने जीवन बदला?” — सब हाँ कहेंगे। किसी विशेष कार्य और विशेष समय के विषय में पूछिए :
- पहले दूसरे नगर में रहने वाले रिश्तेदार को धन कैसे भेजते थे?
- जल कहाँ से लाते थे और कितना समय लगता था?
- भोजन किस पर पकता था और ईंधन कौन लाता था?
- यह कैसे पता चलता था कि कहीं नौकरी निकली है, या कोई रिश्तेदार बीमार है?
- रात में कोई बीमार पड़ जाए तो परिवार क्या करता था?
| प्रौद्योगिकी विकास | समुदाय के लिए क्या बदला |
|---|---|
| मोबाइल फोन और यू.पी.आई. | प्रवासी श्रमिक उसी शाम घर धन भेज देता है, नकद लेकर यात्रा नहीं करनी पड़ती; सब्जी विक्रेता बिना खुले पैसे के भुगतान ले लेता है |
| एल.पी.जी. संयोजन | ईंधन बीनने में लगने वाले प्रतिदिन के घंटे बचे — जो प्रायः महिलाओं और बालिकाओं के थे — और घर के भीतर का धुआँ बहुत घटा |
| विद्युत, और अब सौर पैनल एवं एल.ई.डी. | अँधेरे के बाद पढ़ाई; दुकान में शीतलन; सिंचाई के लिए पंप |
| नलकूप, बूँद-सिंचाई, ट्रैक्टर, थ्रेशर | कृषि में प्रति श्रमिक अधिक उत्पादन — अध्याय की वही बात कि मशीनों का बढ़ता उपयोग श्रम पर निर्भरता कम करता है |
| मौसम की पूर्व-सूचना और जी.पी.एस. | किसान कार्य की योजना बनाते हैं; परिवहन करने वाले लघुत्तम मार्ग खोजते हैं |
| ऑनलाइन अधिगम और टेली-चिकित्सा (चित्र 7.22) | जिस गाँव में न महाविद्यालय है न अस्पताल, वहाँ पाठ्यक्रम और विशेषज्ञ की राय पहुँच जाती है |
| स्वयं (SWAYAM) और नेशनल करियर सर्विस | कक्षा 9 से आगे रोबोटिक्स, जल-कृषि, वस्त्र-मुद्रण के निःशुल्क पाठ्यक्रम; प्लंबिंग से लेखांकन तक रोजगार की सूचनाएँ |
नमूना उत्तर: “मेरी दादी ने कहा कि उनके जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन फोन नहीं, अपितु बस मार्ग और पक्की सड़क थी। उससे पहले बीमार व्यक्ति को खाट पर मुख्य सड़क तक ले जाया जाता था। सड़क बनने के बाद प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बीस मिनट की दूरी पर आ गया, बालिकाएँ पास के कस्बे के उच्च विद्यालय जाने लगीं, और सब्जी उगाने वाले उसी सुबह मंडी भेज पाने लगे, सस्ते में गाँव में बेचने के बदले। आधारभूत संरचना के एक ही टुकड़े ने स्वास्थ्य, शिक्षा और आय — तीनों बदल दिए।”
दोनों पक्षों के साथ न्याय कीजिए। इन्हीं साक्षात्कारों में हानियाँ भी निकलती हैं — वह बुनकर जो मिल के कपड़े से नहीं लड़ सका, वह पत्र-लेखक जिसका काम समाप्त हो गया, वह तालाब जो सबके बोरवेल खोदने पर सूख गया। अध्याय भी यही संतुलन चाहता है : प्रौद्योगिकी सहायक है, किंतु पृष्ठ 180 स्मरण कराता है कि उत्पादन उन्हीं संसाधनों को क्षति भी पहुँचा सकता है जिन पर वह टिका है। अच्छा प्रतिवेदन दोनों दर्ज करता है।