कुतूहल अध्याय 5 क्रियाकलाप 5.2

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
ऐसी स्थितियों के विषय में विचार कीजिए जहाँ बल (अपकर्षण या अभिकर्षण) आरोपित होता है और उन्हें तालिका 5.1 में सूचीबद्ध कीजिए। प्रत्येक स्थिति का विश्लेषण कीजिए और बल के प्रभाव को तालिका 5.1 में लिखिए। कुछ स्थितियाँ और उनके प्रभाव आपके लिए पहले से ही तालिका में अंकित किए गए हैं।
उत्तर

पूर्ण की गई तालिका 5.1 इस प्रकार है। पहली तीन पंक्तियाँ पुस्तक में पहले से दी गई हैं; शेष दैनिक जीवन से ली गई हैं।

क्र.सं.क्रियाअपकर्षण / अभिकर्षणप्रभाव
1.आपकी चलती साइकिल को रोकने के लिए आपके मित्र द्वारा इसे पीछे से पकड़नाअभिकर्षणसाइकिल का रुकना या इसकी चाल का कम होना
2.गतिशील गेंद को बल्ले से मारनाअपकर्षणगतिशील गेंद की दिशा में परिवर्तन
3.एक फुलाए हुए गुब्बारे को दबानाअपकर्षणगुब्बारे के आकार में परिवर्तन
4.भूमि पर रखी फुटबॉल को किक मारनाअपकर्षणविरामावस्था में रखी गेंद गति करने लगती है
5.मेज की दराज खोलनाअभिकर्षणदराज विरामावस्था से गति में आ जाती है
6.रबर बैंड खींचनाअभिकर्षणआकार में परिवर्तन (वह लंबा और पतला हो जाता है)
7.बेलन से रोटी बेलनाअपकर्षणआटे के आकार में परिवर्तन
8.ऑटोरिक्शा का स्टीयरिंग हैंडल घुमानाएक हाथ से अपकर्षण, दूसरे से अभिकर्षणगति की दिशा में परिवर्तन
9.चलती साइकिल में ब्रेक लगानाब्रेक लीवर पर अपकर्षणचाल घटती जाती है और अंतत: साइकिल रुक जाती है
10.क्षेत्ररक्षक द्वारा तेजी से आती गेंद को रोकनाअपकर्षण (हथेलियाँ गेंद को पीछे धकेलती हैं)गेंद की चाल शून्य हो जाती है
संकेत: तालिका भरते समय पहले यह पूछिए कि बल किस दिशा में लगाया गया है? यदि वह व्यक्ति से दूर की ओर है तो अपकर्षण है, और यदि व्यक्ति की ओर है तो अभिकर्षण।
प्र2.
उपर्युक्त उदाहरणों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं? क्या कोई बल किसी गतिमान वस्तु को रोक सकता है? क्या यह किसी वस्तु की चाल या गति की दिशा में कोई परिवर्तन कर सकता है या किसी वस्तु के आकार को परिवर्तित कर सकता है?
उत्तर

तीनों का उत्तर हाँ है। इन उदाहरणों से ज्ञात होता है कि किसी वस्तु पर लगाया गया बल —

  • विरामावस्था में रखी वस्तु को गति प्रदान कर सकता है (पंक्ति 4, 5);
  • पहले से गतिमान वस्तु की चाल को परिवर्तित कर सकता है — जिसमें उसे रोक देना भी सम्मिलित है, क्योंकि रुकना चाल का शून्य हो जाना ही है (पंक्ति 1, 9, 10);
  • गतिमान वस्तु की गति की दिशा परिवर्तित कर सकता है (पंक्ति 2, 8);
  • वस्तु के आकार में परिवर्तन ला सकता है (पंक्ति 3, 6, 7);
  • इनमें से कुछ या सभी प्रभाव एक साथ उत्पन्न कर सकता है।
ऐसा क्यों होता है: यह निष्कर्ष उल्टी दिशा में भी सही है और वही अधिक उपयोगी है — जहाँ भी चाल, दिशा या आकार में परिवर्तन दिखाई दे, वहाँ कोई न कोई बल अवश्य कार्य कर रहा है। इनमें से कोई भी परिवर्तन स्वयं नहीं होता।
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