कक्षा ८ विज्ञान अध्याय 5 बलों को जानें के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
बल किसी वस्तु पर लगने वाला अपकर्षण (धक्का) या अभिकर्षण (खिंचाव) है जो उस वस्तु की किसी अन्य वस्तु के साथ परस्पर क्रिया का परिणाम होता है। बल के कार्य करने के लिए कम से कम दो वस्तुओं का परस्पर क्रिया करना आवश्यक है। बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है। बल विरामावस्था में रखी वस्तु को गति दे सकता है, गतिमान वस्तु की चाल बदल सकता है, उसकी गति की दिशा बदल सकता है, उसके आकार में परिवर्तन ला सकता है, अथवा इनमें से कुछ या सभी प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। बल लगाए बिना इनमें से कोई भी परिवर्तन संभव नहीं है। संपर्क बल तभी लगते हैं जब दोनों वस्तुएँ स्पर्श में हों — पेशीय बल तथा घर्षण बल । घर्षण सदैव उस दिशा के विपरीत कार्य करता है जिसमें वस्तु गति कर रही है या गति करने का प्रयास कर रही है; यह सतहों की अनियमितताओं के कारण उत्पन्न होता है और खुरदरी सतहों पर अधिक होता है। असंपर्क बल बिना स्पर्श के दूर से लगते ह
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| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | पुस्तक से उदाहरण |
|---|---|---|---|
| बल | किसी वस्तु पर लगने वाला अपकर्षण या अभिकर्षण जो किसी अन्य वस्तु के साथ उसकी परस्पर क्रिया का परिणाम है | खंड 5.1 एवं 5.3, पृष्ठ 63–65 | गत्ते के डिब्बे को धकेलना, खींचना या ऊपर उठाना (क्रियाकलाप 5.1, चित्र 5.1) |
| न्यूटन (N) | बल का, और इसीलिए भार का भी, SI मात्रक | खंड 5.3, पृष्ठ 65 | चित्र 5.13 की कमानीदार तुला अधिकतम 10 N तक पढ़ती है |
| संपर्क बल | वह बल जो वस्तुओं के बीच भौतिक संपर्क होने पर ही उत्पन्न होता है | खंड 5.4.1, पृष्ठ 66 | पेशीय बल तथा घर्षण बल |
| पेशीय बल | माँसपेशियों के सिकुड़ने और फैलने की क्रिया के कारण उत्पन्न बल | खंड 5.4.1, पृष्ठ 66 | बैलों द्वारा हल खींचना; हृदय की माँसपेशियों द्वारा रक्त का संचरण |
| घर्षण | वह बल जो तब उत्पन्न होता है जब कोई वस्तु किसी अन्य सतह पर गति करती है या गति करने का प्रयास करती है; सदैव गति के विपरीत | खंड 5.4.1, पृष्ठ 67–68 | धक्का दी गई टिफिन कुछ दूरी चलकर रुक जाती है (क्रियाकलाप 5.3) |
| असंपर्क बल | वह बल जिसका प्रभाव वस्तुओं के संपर्क में न होने पर भी अनुभव किया जा सकता है | खंड 5.4.2, पृष्ठ 69 | चुंबकीय, स्थिरवैद्युत तथा गुरुत्वाकर्षण बल |
| चुंबकीय बल | एक चुंबक द्वारा दूसरे चुंबक अथवा चुंबकीय पदार्थ पर लगाया गया बल | खंड 5.4.2, पृष्ठ 69 | समान ध्रुव आमने-सामने होने पर ऊपरी वलय चुंबक का तैरते रहना (क्रियाकलाप 5.5) |
| स्थिरवैद्युत बल | एक आवेशित पिंड द्वारा दूसरे आवेशित अथवा अनावेशित पिंड पर लगाया गया बल | खंड 5.4.2, पृष्ठ 70–71 | रगड़ा हुआ प्लास्टिक मापक कागज के टुकड़ों को उठा लेता है (क्रियाकलाप 5.6) |
| गुरुत्वाकर्षण बल (गुरुत्व) | वह बल जिससे पृथ्वी वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है; यह सदैव आकर्षी होता है | खंड 5.4.2, पृष्ठ 72 | ऊपर फेंकी गई गेंद पुन: धरती पर आ गिरती है (क्रियाकलाप 5.8, चित्र 5.10) |
| भार | वह गुरुत्वाकर्षण बल जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है; न्यूटन में मापा जाता है | खंड 5.5, पृष्ठ 72–75 | 1 kg की वस्तु का भार पृथ्वी पर 10 N परंतु चंद्रमा पर केवल 1.6 N |
| द्रव्यमान | किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा; g या kg में मापा जाता है और प्रत्येक स्थान पर समान रहता है | खंड 5.5, पृष्ठ 75 | वही वस्तु पृथ्वी, चंद्रमा, मंगल, शुक्र और बृहस्पति — सब पर 1 kg |
| उत्क्षेप / उत्प्लावन बल | किसी द्रव द्वारा उसमें रखी वस्तु पर ऊपर की दिशा में लगाया गया बल | खंड 5.6, पृष्ठ 76 | बंद खाली बोतल जल में धकेलने पर उछलकर ऊपर आ जाती है (क्रियाकलाप 5.13) |
अभ्यास
- खोजबीन और विचार करें
- क्रियाकलाप 5.1
- क्रियाकलाप 5.2
- पाठ्य प्रश्न
- एक सोपान ऊपर
- एक सोपान ऊपर
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.3
- क्रियाकलाप 5.4
- पाठ्य प्रश्न
- एक सोपान ऊपर
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.5
- क्रियाकलाप 5.6
- क्रियाकलाप 5.7
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.8
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.9
- क्रियाकलाप 5.10
- क्रियाकलाप 5.11
- क्रियाकलाप 5.12
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.13
- जिज्ञासा बनाए रखें
- खोजें, अभिकल्पित करें और चर्चा करें