कुतूहल अध्याय 5 बलों को जानें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

बल किसी वस्तु पर लगने वाला अपकर्षण (धक्का) या अभिकर्षण (खिंचाव) है जो उस वस्तु की किसी अन्य वस्तु के साथ परस्पर क्रिया का परिणाम होता है। बल के कार्य करने के लिए कम से कम दो वस्तुओं का परस्पर क्रिया करना आवश्यक है। बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है। बल विरामावस्था में रखी वस्तु को गति दे सकता है, गतिमान वस्तु की चाल बदल सकता है, उसकी गति की दिशा बदल सकता है, उसके आकार में परिवर्तन ला सकता है, अथवा इनमें से कुछ या सभी प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। बल लगाए बिना इनमें से कोई भी परिवर्तन संभव नहीं है। संपर्क बल तभी लगते हैं जब दोनों वस्तुएँ स्पर्श में हों — पेशीय बल तथा घर्षण बल । घर्षण सदैव उस दिशा के विपरीत कार्य करता है जिसमें वस्तु गति कर रही है या गति करने का प्रयास कर रही है; यह सतहों की अनियमितताओं के कारण उत्पन्न होता है और खुरदरी सतहों पर अधिक होता है। असंपर्क बल बिना स्पर्श के दूर से लगते ह

  1. खोजबीन और विचार करें
  2. क्रियाकलाप 5.1
  3. क्रियाकलाप 5.2
  4. पाठ्य प्रश्न
  5. एक सोपान ऊपर
  6. एक सोपान ऊपर
  7. पाठ्य प्रश्न
  8. क्रियाकलाप 5.3
  9. क्रियाकलाप 5.4
  10. पाठ्य प्रश्न
  11. एक सोपान ऊपर
  12. पाठ्य प्रश्न
  13. क्रियाकलाप 5.5
  14. क्रियाकलाप 5.6
  15. क्रियाकलाप 5.7
  16. पाठ्य प्रश्न
  17. क्रियाकलाप 5.8
  18. पाठ्य प्रश्न
  19. क्रियाकलाप 5.9
  20. क्रियाकलाप 5.10
  21. क्रियाकलाप 5.11
  22. क्रियाकलाप 5.12
  23. पाठ्य प्रश्न
  24. पाठ्य प्रश्न
  25. क्रियाकलाप 5.13
  26. जिज्ञासा बनाए रखें
  27. खोजें, अभिकल्पित करें और चर्चा करें
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