हाँ — और जैसे ही मग जल की सतह से बाहर आता है वह तुरंत भारी लगने लगता है।
दोनों स्थितियों में मग पर पृथ्वी का खिंचाव वही है; मग में कुछ जोड़ा या घटाया नहीं गया। परिवर्तन केवल यह है कि जब तक मग जल के भीतर है तब तक जल उसे ऊपर की ओर धकेलता है। यह ऊपर की ओर लगने वाला बल भार का कुछ भाग स्वयं सँभाल लेता है, अत: आपके हाथ को कम बल लगाना पड़ता है और मग हल्का लगता है। किसी द्रव द्वारा किसी वस्तु पर ऊपर की दिशा में लगाया गया बल उत्क्षेप अथवा उत्प्लावन बल कहलाता है।