प्र1.
भार और द्रव्यमान में क्या अंतर है?
उत्तर
द्रव्यमान किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा है। भार वह गुरुत्वाकर्षण बल है जिससे पृथ्वी (या कोई अन्य ग्रह) उस वस्तु को अपनी ओर खींचती है। ये दो भिन्न राशियाँ हैं और इन्हें भिन्न मात्रकों में मापा जाता है।
| द्रव्यमान | भार | |
|---|---|---|
| यह है क्या | वस्तु में पदार्थ की मात्रा | वह गुरुत्वाकर्षण बल जिससे पृथ्वी वस्तु को अपनी ओर खींचती है |
| क्या यह बल है? | नहीं | हाँ — भार एक बल है |
| मात्रक | ग्राम (g) या किलोग्राम (kg) | न्यूटन (N) |
| किससे मापते हैं | दंड-तुला से (या कमानीदार तुला के द्रव्यमान पैमाने से) | कमानीदार तुला से |
| क्या यह स्थान के साथ बदलता है? | नहीं — इसका मान प्रत्येक स्थान पर समान रहता है | हाँ — बदल सकता है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल बदलता है |
पुस्तक की तालिका इस अंतर को मूर्त रूप दे देती है। एक ही वस्तु भिन्न-भिन्न लोकों पर ले जाई जाती है —
| पृथ्वी | चंद्रमा | मंगल | शुक्र | बृहस्पति | |
|---|---|---|---|---|---|
| वस्तु का द्रव्यमान | 1 kg | 1 kg | 1 kg | 1 kg | 1 kg |
| वस्तु का भार | 10 N | 1.6 N | 3.8 N | 9 N | 25.4 N |
दोनों का व्यवहार भिन्न क्यों है: वस्तु को कहीं भी ले जाइए, उसमें पदार्थ की मात्रा उतनी ही रहती है, अत: उसका द्रव्यमान बदल ही नहीं सकता। भार केवल वस्तु का गुण नहीं है — वह तो वस्तु और उस लोक के बीच के खिंचाव का परिमाण है, अत: वह उस लोक पर भी निर्भर करता है। लोक बदलिए, भार बदल जाएगा; वस्तु ज्यों की त्यों रहेगी। पृथ्वी पर भी गुरुत्वाकर्षण बल विभिन्न स्थानों पर बहुत कम ही सही पर परिवर्तित हो सकता है, अत: भार भी थोड़ा बदल सकता है।
संकेत: बाजार में हम कहते हैं ‘गेहूँ के इस थैले का भार 10 किलोग्राम है’। वैज्ञानिक दृष्टि से यह दोनों प्रकार से गलत है — 10 kg द्रव्यमान है, और भार तो न्यूटन में ही बताना पड़ेगा। गेहूँ खरीदते समय हमारी रुचि वास्तव में पदार्थ की मात्रा अर्थात द्रव्यमान में ही होती है। अत: सही शब्दों का उनके सही मात्रकों के साथ उपयोग कीजिए, भले ही अनौपचारिक वार्तालाप ही क्यों न हो रहा हो।