हाँ। गेंद ऊपर जाती है, धीमी होती है, शीर्ष पर क्षण भर के लिए रुकती है और फिर धरती पर वापस गिर जाती है — प्रत्येक बार।
ऊपर जाते समय गेंद की चाल घट रही है, अत: उस पर कोई बल अवश्य लग रहा है और वह नीचे की ओर, गति के विपरीत, लग रहा होगा। वही नीचे की ओर लगने वाला बल फिर गेंद को वापस लाता है और नीचे आते समय उसकी चाल बढ़ाता जाता है। हवा में रहते हुए गेंद को कुछ भी स्पर्श नहीं कर रहा, अत: यह एक असंपर्क बल है — पृथ्वी का खिंचाव।