क्योंकि ढलान पर चढ़ते समय आपको पृथ्वी के खिंचाव के विरुद्ध पैडल मारने पड़ते हैं, जबकि समतल भूमि पर ऐसा नहीं होता।
समतल सड़क पर पृथ्वी साइकिल और आपको सीधे नीचे, सड़क की ओर खींचती है। यह खिंचाव आपकी आगे की गति का विरोध नहीं करता — वहाँ आपके पेशीय बल को केवल सड़क और पहियों का घर्षण तथा वायु का घर्षण बल ही पार करना होता है। पहाड़ी पर पैडल का प्रत्येक चक्कर आपको और साइकिल को थोड़ा और ऊँचा उठाता है, अत: अब आपके पेशीय बल को गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध भी कार्य करना पड़ता है। उसी चाल के लिए पैडल पर कहीं अधिक बड़ा अपकर्षण चाहिए — यही कठिन लगता है।