कुतूहल अध्याय 5 क्रियाकलाप 5.7

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
दोनों गुब्बारों को ऊनी कपड़े से रगड़िए और इन्हें छोड़ दीजिए। ध्यान रखिए कि रगड़े हुए गुब्बारों को अपनी अँगुलियों से स्पर्श न करें। आप क्या देखते हैं?
उत्तर

दोनों लटके हुए गुब्बारे एक-दूसरे से दूर जाते हैं, मानो वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित कर रहे हों (चित्र 5.9, ख), और उन्हें लटकाने वाले धागे बाहर की ओर तिरछे हो जाते हैं।

रगड़ने से पहले वे शांत होकर पास-पास लटके थे (चित्र 5.9, क)। रगड़ने के अतिरिक्त उनमें कुछ भी नहीं जोड़ा गया — और अब वे अंतराल के आर-पार एक-दूसरे को धकेल रहे हैं। अर्थात रगड़ने ने दोनों गुब्बारों पर कुछ ऐसा उत्पन्न कर दिया है जो उन्हें प्रतिकर्षित कराता है।

प्र2.
अब गुब्बारों को रगड़ने के लिए प्रयोग किए गए ऊनी कपड़े को रगड़े हुए गुब्बारों में से एक के पास लाइए। देखिए कि क्या होता है?
उत्तर

गुब्बारा और ऊनी कपड़ा एक-दूसरे की ओर बढ़ते हैं, मानो वे एक-दूसरे को आकर्षित कर रहे हों। गुब्बारा अपनी ऊर्ध्वाधर स्थिति से हटकर कपड़े की ओर झुक जाता है।

यह ठीक उसका उल्टा है जो दोनों गुब्बारों ने परस्पर किया था — और वह भी उसी कपड़े के साथ जिससे उन्हें रगड़ा गया था।

प्र3.
इन प्रेक्षणों से हम क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर

क्रम से तीन निष्कर्ष निकलते हैं —

  1. दोनों गुब्बारे एक ही प्रकार से आवेशित किए गए थे, अत: उन्होंने एक जैसा आवेश प्राप्त किया होगा। चूँकि उन्होंने एक-दूसरे को प्रतिकर्षित किया, अत: समान (एक जैसे) आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं
  2. आवेशित गुब्बारे और ऊनी कपड़े ने एक-दूसरे को आकर्षित किया। रगड़ने वाली वस्तु और रगड़ी गई वस्तु दोनों आवेशित हो जाती हैं परंतु उनमें विपरीत प्रकार के आवेश आ जाते हैं। उनका आकर्षण दर्शाता है कि विपरीत प्रकार के (विषम) आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं
  3. अत: स्थैतिक आवेश ठीक दो प्रकार के होते हैं, जिन्हें ‘धनात्मक’ और ‘ऋणात्मक’ आवेश कहा जाता है।

एक आवेशित पिंड द्वारा दूसरे आवेशित अथवा अनावेशित पिंड पर लगाया गया बल स्थिरवैद्युत बल कहलाता है। यह अंतराल के आर-पार लगता है, अत: यह एक असंपर्क बल है।

पास लाई गई जोड़ीक्या देखा गयायह क्या सिद्ध करता है
दो रगड़े हुए गुब्बारेवे दूर हट जाते हैंसमान आवेश प्रतिकर्षित करते हैं
रगड़ा हुआ गुब्बारा और ऊनी कपड़ावे पास आ जाते हैंविषम आवेश आकर्षित करते हैं
रगड़ा हुआ मापक और सादे कागज के टुकड़े (क्रियाकलाप 5.6)कागज ऊपर खिंच आता हैआवेशित पिंड अनावेशित पिंड को आकर्षित करता है
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