प्र1.
जब आपने अपने हाथ से मेज को धक्का दिया तो क्या आपको भी अपने हाथ पर किसी बल का अनुभव हुआ?
उत्तर
हाँ — जब तक आप मेज को धक्का देते रहते हैं तब तक आपकी हथेली को मेज का अपकर्षण अनुभव होता है, और जैसे ही आपने धक्का देना बंद किया वैसे ही आपके हाथ पर लगने वाला बल भी लगना बंद हो गया।
यह सीधे बल की परिभाषा से निकलता है। बल दो वस्तुओं की परस्पर क्रिया का परिणाम है, और परस्पर क्रिया एकतरफा हो ही नहीं सकती। जब भी दो वस्तुएँ परस्पर क्रिया करती हैं तो प्रत्येक वस्तु पर दूसरी वस्तु के कारण बल लगता है। जैसे ही उनके बीच की यह परस्पर क्रिया बंद होती है वैसे ही उन वस्तुओं पर लगने वाला बल भी समाप्त हो जाता है।
यह करके देखिए: अपनी हथेली को पहले दीवार पर और फिर किसी मुलायम स्पंज पर दबाइए। आप जितने प्रबल बल से दबाएँगे, वे उतने ही प्रबल बल से आपको वापस धकेलेंगे — और यह आपको अपनी हथेली पर अनुभव होगा।