कुतूहल अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आप अपने आस-पास विषमरूपी मिश्रणों के कुछ अन्य उदाहरण पहचान सकते हैं?
उत्तर

हाँ — ऐसा प्रत्येक मिश्रण जिसके घटक आँखों से अथवा आवर्धक यंत्र से अब भी पृथक दिखाई दें, विषमरूप है।

  • जल में मिली रेत तथा वर्षा के बाद का गदला जल
  • राजमा-चावल अथवा मटर और गाजर वाला सब्जी-पुलाव
  • चाट में मिलाए गए चना और मुरमुरे
  • बिना छना शहद जिसमें मोम के कण हों
  • मृदा — इसमें रेत के कण, पत्तियों के टुकड़े और छोटे पत्थर दिखाई देते हैं
  • जल पर तैरता तेल
  • पकाने से पहले मिली-जुली दालों की मुट्ठी
ऐसा क्यों होता है: इन मिश्रणों में घटक इतने बड़े कणों या परतों के रूप में रहते हैं कि आँख उन्हें अलग-अलग पहचान लेती है, अत: मिश्रण सर्वत्र एक जैसा नहीं होता। गदले जल की एक चम्मच ऊपर से और एक तल से लीजिए — दोनों भिन्न होंगी; यही विषमरूप मिश्रण की कसौटी है।
प्र2.
क्या आप कुछ समरूप मिश्रणों की सूची बना सकते हैं?
उत्तर

हाँ — इनमें घटक समान रूप से वितरित होते हैं और सूक्ष्मदर्शी से भी उनमें भेद नहीं किया जा सकता।

  • जल में घुली चीनी तथा जल में घुला साधारण नमक
  • शिकंजी (नींबू-पानी) और सोडा जल
  • वायु
  • समुद्री जल
  • पीतल, काँसा और स्टेनलेस स्टील — अर्थात मिश्रधातुएँ
  • सिरका (जल में ऐसीटिक अम्ल)
  • छाना हुआ चूने का जल
ऐसा क्यों होता है: यहाँ घटक अपने अलग-अलग कणों में टूटकर पूरे मिश्रण में समान रूप से फैल जाते हैं। गिलास के किसी भी भाग से ली गई चम्मच का स्वाद और व्यवहार किसी भी अन्य भाग जैसा ही होता है, अत: मिश्रण समरूप है।
स्वयं जाँचिए: समरूप दिखने पर भी मिश्रण मिश्रण ही रहता है। चीनी के विलयन से जल वाष्पित कर चीनी पुन: प्राप्त की जा सकती है — कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं हुई, अत: चीनी अपरिवर्तित है।
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