कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 सोचिए और बताइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
दो ध्वनि तरंगों के लिए माध्यम का घनत्व परिवर्तन चित्र 10.17 (क) और (ख) में दर्शाया गया है। इस पर संपीडन और विरलन को C एवं R द्वारा अंकित कीजिए। चित्र 10.17 (ग) और (घ) में दिए गए आलेख में अक्षों को अंकित कीजिए और चित्र 10.17 (क) और (ख) के संगत वक्र खींचिए।
(क) (ख) (ग) (घ)
चित्र 10.17, पृष्ठ 193। (क) और (ख) में दो ध्वनि तरंगों के लिए माध्यम का घनत्व दर्शाया गया है; (ग) और (घ) रिक्त आलेख हैं जिन पर अक्ष अंकित करके वक्र खींचने हैं।
उत्तर

(क) और (ख) पर अंकन। जहाँ बिंदु पास-पास सिमटे हैं वहाँ घनत्व औसत से अधिक है — वहाँ C लिखिए। जहाँ बिंदु विरल हैं वहाँ घनत्व औसत से कम है — वहाँ R लिखिए। मुद्रित चित्र में इन क्षेत्रों के केंद्रों से होकर निर्देशक रेखाएँ खींची गई हैं।

  • (क) में बाईं ओर की पहली बिंदुदार निर्देशक रेखा सघन पट्टी से होकर जाती है, अतः वहाँ C, अगली बिंदुदार रेखा पर R और इसी क्रम में प्रत्येक बिंदुदार रेखा पर बारी-बारी से C तथा R अंकित कीजिए। इनके बीच की अविरल रेखाएँ वे स्थान दर्शाती हैं जहाँ घनत्व ठीक माध्य के बराबर है।
  • (ख) में निर्देशक रेखाएँ ठीक उन्हीं स्थानों पर हैं, परंतु बिंदुओं का प्रतिरूप आधे तरंगदैर्घ्य से खिसका हुआ है: अब पहली बिंदुदार रेखा विरल पट्टी से होकर जाती है, अतः वहाँ R और अगली बिंदुदार रेखा पर C आएगा। जो स्थान (क) में संपीडन है वही (ख) में विरलन है। दोनों पट्टियों का तरंगदैर्घ्य समान है।

(ग) और (घ) के अक्षों का अंकन। क्षैतिज अक्ष पर दूरी और ऊर्ध्वाधर अक्ष पर घनत्व लिखिए, तथा माध्य घनत्व के लिए एक क्षैतिज बिंदुदार रेखा खींचिए।

वक्र खींचना। प्रत्येक C पर श्रृंग (अधिकतम घनत्व) और प्रत्येक R पर गर्त (न्यूनतम घनत्व) आएगा। अतः

  • (ग), जो (क) के संगत है: वक्र ऊर्ध्वाधर अक्ष पर स्थित पहली बिंदुदार निर्देशक रेखा से, माध्य घनत्व रेखा के ऊपर श्रृंग से आरंभ होता है।
  • (घ), जो (ख) के संगत है: वही वक्र आधे तरंगदैर्घ्य से खिसका हुआ — जहाँ (ग) में श्रृंग था वहाँ (घ) में गर्त होगा।
(क) / (ग) C R C R C R C घनत्व माध्य दूरी → (ख) / (घ) घनत्व R C R C
ऊपर: (क) का बिंदु-प्रतिरूप C और R के अंकन सहित तथा उसके नीचे संगत घनत्व–दूरी आलेख (ग) — प्रत्येक C पर श्रृंग, प्रत्येक R पर गर्त। नीचे: पट्टी (ख) के लिए आलेख (घ), वही तरंग आधे तरंगदैर्घ्य से खिसकी हुई।
बिंदुओं के चित्र से आलेख चिकनी तरंग जैसा क्यों बनता है: आलेख कणों को नहीं, किसी एक क्षण पर प्रत्येक दूरी पर माध्यम के घनत्व को आलेखित करता है। संपीडन के मध्य तक घनत्व चिकने ढंग से अधिकतम तक बढ़ता है और विरलन के मध्य तक चिकने ढंग से न्यूनतम तक घटता है, अतः आलेख माध्य घनत्व रेखा के इधर-उधर एक चिकनी वक्र बन जाता है।
संकेत: शब्दावली स्पष्ट रखिए — श्रृंग आलेख का उच्चतम बिंदु है (अधिकतम घनत्व, अर्थात संपीडन) और गर्त निम्नतम बिंदु (न्यूनतम घनत्व, अर्थात विरलन)। ध्वनि तरंग अनुदैर्घ्य ही रहती है, भले उसका आलेख लहरदार दिखे।
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