कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 ध्वनि तरंगें — अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
ध्वनि कंपन करने वाली वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है। कंपन रुकते ही ध्वनि भी रुक जाती है; कंपन करने वाली वस्तु ध्वनि का स्रोत कहलाती है। ध्वनि एक अनुदैर्घ्य यांत्रिक तरंग के रूप में चलती है — क्रमिक संपीडन (उच्च घनत्व) और विरलन (निम्न घनत्व) आगे बढ़ते हैं जबकि माध्यम के कण केवल अपनी माध्य स्थिति के इधर-उधर दोलन करते हैं। ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती। ध्वनि तरंग तरंगदैर्घ्य λ (m), आवृत्ति ν (Hz), आवर्तकाल T (s) और आयाम से वर्णित होती है। इनमें संबंध हैं ν = 1/T तथा v = ν × λ । ध्वनि की चाल माध्यम पर निर्भर करती है, स्रोत पर नहीं — ठोसों में सर्वाधिक (स्टील ≈ 5000 m s⁻¹), द्रवों में कम (जल ≈ 1500 m s⁻¹), गैसों में न्यूनतम (वायु ≈ 340 m s⁻¹); ताप और आर्द्रता बढ़ने पर चाल बढ़ती है। ध्वनि का परावर्तन प्रतिध्वनि (कम-से-कम 0.1 s का अंतराल चाहिए, अर्थात 340 m s⁻¹ पर परावर्तक कम-से-कम 17 m
त्वरित पुनरावृत्ति
| पद | अर्थ | सूत्र / प्रारूपी मान | अध्याय में कहाँ |
|---|---|---|---|
| कंपन | किसी वस्तु की आगे-पीछे की आवर्ती गति (दोलन) | — | अनुभाग 10.1, क्रियाकलाप 10.1 |
| संपीडन (C) | माध्यम का वह क्षेत्र जहाँ घनत्व औसत घनत्व से अधिक हो | घनत्व–दूरी आलेख पर श्रृंग | चित्र 10.9 ख, चित्र 10.16 |
| विरलन (R) | माध्यम का वह क्षेत्र जहाँ घनत्व औसत घनत्व से कम हो | घनत्व–दूरी आलेख पर गर्त | चित्र 10.9 ग, चित्र 10.16 |
| तरंगदैर्घ्य (λ) | दो क्रमागत श्रृंगों अथवा दो क्रमागत गर्तों के मध्य की दूरी | SI मात्रक: मीटर (m) | अनुभाग 10.6.1, चित्र 10.18 |
| आवृत्ति (ν) | किसी नियत बिंदु पर प्रति इकाई समय में घनत्व के दोलनों की संख्या | ν = 1/T; SI मात्रक हर्ट्ज़ (Hz = s⁻¹) | समीकरण 10.1, उदाहरण 10.1 |
| आवर्तकाल (T) | किसी नियत बिंदु पर एक पूर्ण घनत्व दोलन में लगने वाला समय | T = 1/ν; SI मात्रक सेकंड (s) | अनुभाग 10.6.1 |
| आयाम | संपीडन (अथवा विरलन) में वायु के घनत्व में औसत घनत्व की तुलना में अधिकतम परिवर्तन | अधिक आयाम → अधिक ऊर्जा | अनुभाग 10.6.2, चित्र 10.20 |
| तीव्रता | संचरण की दिशा के लंबवत एकांक क्षेत्रफल से एकांक समय में गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा | स्रोत से दूरी बढ़ने पर घटती है | अनुभाग 10.6.2, चित्र 10.21 |
| ध्वनि की चाल (v) | तरंग का कोई बिंदु, जैसे श्रृंग या गर्त, एकांक समय में जितनी दूरी तय करता है | v = ν × λ; वायु में 0 ºC पर 331 m s⁻¹, 22 ºC पर 344 m s⁻¹ | समीकरण 10.2, अनुभाग 10.6.3 |
| तारत्व / प्रबलता | आवृत्ति / आयाम का हमारा बोध | प्रबलता डेसिबेल (dB) में मापी जाती है | अनुभाग 10.6.4 |
| प्रतिध्वनि | मूल ध्वनि से पृथक सुनाई देने वाली परावर्तित ध्वनि | ≥ 0.1 s का अंतराल → परावर्तक ≥ 17 m दूर | अनुभाग 10.7.1, उदाहरण 10.5 |
| अनुरणन | बहु परावर्तनों के कारण हॉल में ध्वनि का बना रहना | 0.05 s के भीतर पहुँचने वाले परावर्तन | अनुभाग 10.7.2 |
| पराश्रव्य / अवश्रव्य | 20 kHz से अधिक / 20 Hz से कम आवृत्ति की ध्वनि | मानव श्रव्यता परिसर 20 Hz – 20 kHz | अनुभाग 10.8, चित्र 10.27, 10.28 |
अभ्यास
- चिंतन कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 10.1
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 10.2
- सोचिए और बताइए
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 10.3
- क्रियाकलाप 10.4
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 10.5
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 10.6
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 10.7
- सोचिए और बताइए
- क्या होगा यदि…
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 10.8
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
- क्या होगा यदि…
- सोचिए और बताइए
- अभ्यास प्रश्न
- परियोजना कार्य