कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 9 द्रव्य का परमाण्विक आधार के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (लवाइजिए, 1789) — किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्य का न तो सृजन होता है और न ही विनाश, अतः अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है। खुले पात्र में यह नियम केवल टूटता हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि गैसीय उत्पाद तुला से बाहर चला जाता है। स्थिर अनुपात का नियम (प्राउस्ट) — किसी यौगिक में तत्व सदैव द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में ही रहते हैं, चाहे उसका स्रोत कुछ भी हो। नदी, बोरवेल अथवा समुद्र — किसी भी स्रोत के शोधित जल में हाइड्रोजन : ऑक्सीजन सदैव 1 : 8 होता है। डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत इन दोनों नियमों की व्याख्या एक ही चित्र से करता है — रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु अविभाज्य रहते हैं और केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, एक ही तत्व के परमाणुओं का द्रव्यमान समान होता है, तथा परमाणु सरल पूर्णांकों के अनुपात में संयोजित होते हैं। परमाणु स्था
त्वरित पुनरावृत्ति
| पद | अर्थ | हल किया गया उदाहरण | अध्याय में कहाँ |
|---|---|---|---|
| द्रव्यमान संरक्षण का नियम | रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान | 4.0 g CaCO₃ + 2.92 g HCl → 1.76 g CO₂ + 0.72 g H₂O + 4.44 g CaCl₂; 6.92 g = 6.92 g | 9.1, क्रियाकलाप 9.2, उदाहरण 9.1 |
| स्थिर अनुपात का नियम | किसी यौगिक का द्रव्यमान संघटन निश्चित होता है, स्रोत चाहे कोई भी हो | 9 g शोधित जल से सदैव 1 g हाइड्रोजन और 8 g ऑक्सीजन — अनुपात 1 : 8 | 9.2, उदाहरण 9.3 |
| अभिगृहीत (postulate) | वह मूल अभिधारणा जिसे बिना औपचारिक प्रमाण के सत्य माना जाता है | “परमाणु अविभाज्य कण होते हैं” — डॉल्टन | 9.3 डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत |
| अणु | एक से अधिक परमाणुओं से बना वैद्युत उदासीन कण जो स्वतंत्र रूप से रह सकता है और पदार्थ के सभी गुणधर्म दर्शाता है | H₂, Cl₂, O₂, HCl, H₂O | 9.4 |
| सहसंयोजी आबंध | दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के सहभाजित युग्म से बना आबंध | H—H (एकल), O=O (द्वि), N≡N (त्रि) | 9.4.1 |
| आयनिक आबंध | इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बने विपरीत आवेशित आयनों के मध्य स्थिर विद्युत आकर्षण बल | Na → Na⁺ + e⁻; Cl + e⁻ → Cl⁻; Na⁺Cl⁻ | 9.4.2 |
| धनायन / ऋणायन | इलेक्ट्रॉन त्यागने पर बना धनावेशी आयन / इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर बना ऋणावेशी आयन | Na⁺ (11 प्रोटॉन, 10 इलेक्ट्रॉन); Cl⁻ (17 प्रोटॉन, 18 इलेक्ट्रॉन); S²⁻ | 9.4.2, तालिका 9.1 |
| बहुपरमाण्विक आयन | दो अथवा दो से अधिक तत्वों के परमाणुओं से बना आयन | OH⁻, NO₃⁻, HCO₃⁻, CO₃²⁻, SO₄²⁻, NH₄⁺ | तालिका 9.1 (ख) |
| तिर्यक विधि (criss-cross) | संयोजकताओं (अथवा आवेश की संख्याओं) को अदल-बदल कर पादांक के रूप में लिखना, फिर उभयनिष्ठ गुणनखंड से भाग देना | Al³⁺, O²⁻ → Al₂O₃; Mg²⁺, O²⁻ → Mg₂O₂ = MgO | 9.5 |
| उपसर्ग नामकरण (सहसंयोजी) | मोनो-, डाइ-, ट्राइ-, टेट्रा-, पेन्टा-, हेक्सा- परमाणुओं की संख्या बताते हैं; दूसरे तत्व के अंत में -आइड | CO कार्बन मोनोक्सॉइड, PCl₃ फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड, SF₆ सल्फर हेक्साफ्लुओराइड | 9.4.1 ग |
| क्रिस्टल जालक | आयनिक ठोस में आयनों की नियमित पुनरावृत्ति 3-D व्यवस्था | NaCl में प्रत्येक Na⁺ छह Cl⁻ से और प्रत्येक Cl⁻ छह Na⁺ से घिरा होता है | जिज्ञासा-सूत्र, पृष्ठ 173 |
| आण्विक द्रव्यमान | एक अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग | CO₂ = (12 u × 1) + (16 u × 2) = 44 u | 9.7 |
| सूत्र इकाई द्रव्यमान | आयनिक यौगिक की एक सूत्र इकाई में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग | Na₂O = (23 u × 2) + (16 u × 1) = 62 u | 9.8 |
अभ्यास
- चिंतन कीजिए
- क्रियाकलाप 9.1
- क्रियाकलाप 9.2
- क्रियाकलाप 9.3
- वैज्ञानिक की भाँति सोचिए
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- क्या होगा यदि…
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- पाठ्य प्रश्न
- क्या होता यदि …
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 9.4
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- अभ्यास प्रश्न
- परियोजना कार्य
- खोज जारी है…