कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 12 क्रियाकलाप 12.3 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
संकल्पना मानचित्र (चित्र 12.5) का अध्ययन कीजिए।
सजीवों का वर्गीकरणकोशिका का प्रकारपूर्वकेंद्रकीआद्य केंद्रक(झिल्ली रहित)मोनेरा(बैक्टीरिया, आर्किया,साइनोबैक्टीरिया)सुकेंद्रकीझिल्ली आबद्ध केंद्रकसंगठन का स्तरएककोशिकीयप्रोटिस्टा(कोशिका भित्ति उपस्थितअथवा अनुपस्थित)(अमीबा, पैरामीशियम,क्लैमाइडोमोनास, यूग्लीना)बहुकोशिकीयकोशिका संरचनाकोशिका भित्ति सहितकोशिका भित्ति रहितकाइटिनसेल्युलोसपोषण विधिपारिस्थितिक भूमिकाविषमपोषीअपघटक(भोजन के लिए अन्य पर निर्भर)कवकमशरूम, यीस्ट, ऐस्पर्जिलसस्वपोषीउत्पादक(प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया)प्लांटीमॉस, घास, फर्न,चीड़, गुलाबपोषण विधिविषमपोषीउपभोक्ता(भोजन के लिए अन्य पर निर्भर)एनिमेलियाचींटी, सर्प, मेंढक,पक्षी, बिल्ली, मानव
चित्र 12.5, पृष्ठ 234 — पाँच जगत वर्गीकरण (संकल्पना मानचित्र पुनःआरेखित; पुस्तक में प्रत्येक जगत के साथ छपे छायाचित्रों के स्थान पर यहाँ उदाहरणों के नाम दिए गए हैं)।
उत्तर

चित्र 12.5 वस्तुतः एक निर्णय वृक्ष है। आप ऊपर से किसी भी जीव के साथ आरंभ कीजिए और प्रत्येक विभाजन पर एक प्रश्न का उत्तर दीजिए; अधिक-से-अधिक चार प्रश्नों के बाद आप पाँच जगतों में से किसी एक में पहुँच जाएँगे।

कोई भी सजीव 1. कोशिका का प्रकार? पूर्वकेंद्रकी — आद्य केंद्रक सुकेंद्रकी — झिल्ली आबद्ध केंद्रक मोनेरा बैक्टीरिया, आर्किया, साइनोबैक्टीरिया 2. संगठन का स्तर? एककोशिकीय बहुकोशिकीय प्रोटिस्टा अमीबा, पैरामीशियम, क्लैमाइडोमोनास, यूग्लीना 3. कोशिका भित्ति? भित्ति सहित भित्ति रहित 4. पोषण की विधि? फंजाई काइटिन भित्ति; विषमपोषी अपघटक प्लांटी सेल्युलोस भित्ति; स्वपोषी उत्पादक एनिमेलिया विषमपोषी उपभोक्ता
चित्र 12.5 को निर्णय वृक्ष के रूप में देखिए — चार प्रश्न किसी भी जीव को पाँच जगतों में से एक में रख देते हैं।
मानचित्र ध्यान से पढ़िए — दो बातें आसानी से छूट जाती हैं। प्रोटिस्टा में कोशिका भित्ति हो भी सकती है और नहीं भी (हो तो सेल्युलोस की), इसीलिए मानचित्र प्रोटिस्टा का निर्णय संगठन के स्तर से करता है, भित्ति से नहीं। और फंजाई तथा प्लांटी अंतिम विभाजन पर ही अलग होते हैं — भित्ति किस पदार्थ की है और जीव किस प्रकार पोषण लेता है — फंजाई में काइटिन तथा अवशोषण, प्लांटी में सेल्युलोस तथा प्रकाश संश्लेषण।
प्र2.
ऐसे मानदंडों की सूची बनाइए जो पाँच जगत वर्गीकरण का आधार हैं।
उत्तर

चित्र 12.5 को ऊपर से नीचे पढ़ने पर संकल्पना मानचित्र पाँच मानदंडों पर चलता है —

  1. कोशिका का प्रकार — पूर्वकेंद्रकी (आद्य केंद्रक, झिल्ली रहित) अथवा सुकेंद्रकी (झिल्ली आबद्ध केंद्रक)।
  2. संगठन का स्तर — एककोशिकीय अथवा बहुकोशिकीय।
  3. कोशिका संरचना — कोशिका भित्ति उपस्थित अथवा अनुपस्थित, और उपस्थित हो तो काइटिन की या सेल्युलोस की।
  4. पोषण की विधि — स्वपोषी (प्रकाश संश्लेषण से स्वयं भोजन बनाना) अथवा विषमपोषी (भोजन के लिए अन्य पर निर्भर)।
  5. पारिस्थितिकीय भूमिका — उत्पादक, उपभोक्ता अथवा अपघटक।
ये पाँच ही क्यों: इनमें से हर एक या तो कोशिका का गुण है या जीव के जीने के मूल ढंग का — अतः परिस्थितियाँ इन्हें बदल नहीं सकतीं। इसकी तुलना पर्यावास या उड़ने की क्षमता से कीजिए, जिसके कारण क्रियाकलाप 12.1 में चमगादड़ गरुड़ के साथ चला जाता था। जीवाणु केंद्रक प्राप्त नहीं कर सकता और पादप अन्य जीवों को खाना आरंभ नहीं कर सकता — इससे गहरे विभाजन उपलब्ध ही नहीं हैं।
प्र3.
संकल्पना मानचित्र का अध्ययन करने के पश्चात आपके द्वारा तैयार किए गए मानदंडों और निम्नलिखित मानदंडों की तुलना कीजिए — कोशिका प्रकार— पूर्वकेंद्रकी अथवा सुकेंद्रकी; कोशिका संरचना— कोशिका भित्ति उपस्थित अथवा अनुपस्थित; संगठन का स्तर— एककोशिकीय अथवा बहुकोशिकीय; पोषण की विधि— स्वपोषी अथवा विषमपोषी
सजीवों का वर्गीकरणकोशिका का प्रकारपूर्वकेंद्रकीआद्य केंद्रक(झिल्ली रहित)मोनेरा(बैक्टीरिया, आर्किया,साइनोबैक्टीरिया)सुकेंद्रकीझिल्ली आबद्ध केंद्रकसंगठन का स्तरएककोशिकीयप्रोटिस्टा(कोशिका भित्ति उपस्थितअथवा अनुपस्थित)(अमीबा, पैरामीशियम,क्लैमाइडोमोनास, यूग्लीना)बहुकोशिकीयकोशिका संरचनाकोशिका भित्ति सहितकोशिका भित्ति रहितकाइटिनसेल्युलोसपोषण विधिपारिस्थितिक भूमिकाविषमपोषीअपघटक(भोजन के लिए अन्य पर निर्भर)कवकमशरूम, यीस्ट, ऐस्पर्जिलसस्वपोषीउत्पादक(प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया)प्लांटीमॉस, घास, फर्न,चीड़, गुलाबपोषण विधिविषमपोषीउपभोक्ता(भोजन के लिए अन्य पर निर्भर)एनिमेलियाचींटी, सर्प, मेंढक,पक्षी, बिल्ली, मानव
चित्र 12.5, पृष्ठ 234 — पाँच जगत वर्गीकरण (संकल्पना मानचित्र पुनःआरेखित; पुस्तक में प्रत्येक जगत के साथ छपे छायाचित्रों के स्थान पर यहाँ उदाहरणों के नाम दिए गए हैं)।
उत्तर

दिए गए चारों मानदंड संकल्पना मानचित्र में उसी क्रम में उपस्थित हैं जिस क्रम में मानचित्र उन्हें लगाता है। मेरी सूची में जो एक अतिरिक्त था वह है पारिस्थितिकीय भूमिका (उत्पादक / उपभोक्ता / अपघटक), जिसे चित्र 12.5 अंतिम विभाजन पर पोषण की विधि के साथ छापता है।

दिया गया मानदंडचित्र 12.5 में यह कहाँ लगता हैयह किसे अलग करता है
कोशिका प्रकारसबसे ऊपर, पहला विभाजनमोनेरा (पूर्वकेंद्रकी) को शेष चारों जगतों (सुकेंद्रकी) से
संगठन का स्तरदूसरा विभाजन, सुकेंद्रकी शाखा परप्रोटिस्टा (एककोशिकीय) को फंजाई, प्लांटी, एनिमेलिया (बहुकोशिकीय) से
कोशिका संरचनातीसरा विभाजनफंजाई और प्लांटी (भित्ति सहित) को एनिमेलिया (भित्ति रहित) से
पोषण की विधिचौथा विभाजनफंजाई (विषमपोषी, काइटिन भित्ति) को प्लांटी (स्वपोषी, सेल्युलोस भित्ति) से
इस क्रम को बदला क्यों नहीं जा सकता: मानदंड सबसे मौलिक से सबसे कम मौलिक की ओर लगाए जाते हैं। केंद्रक का होना या न होना कोशिकाओं के बीच का सबसे बड़ा अंतर है, इसलिए वह पहले विभाजित करता है। पोषण अंत में इसलिए लगता है क्योंकि वह सबसे निकट की जोड़ी को अलग करता है — और वहाँ भी उसे भित्ति के पदार्थ के साथ ही लगाना पड़ता है, क्योंकि मशरूम और मॉस दोनों कोशिका भित्ति युक्त बहुकोशिकीय सुकेंद्रकी हैं, और केवल "काइटिन + अवशोषण बनाम सेल्युलोस + प्रकाश संश्लेषण" ही उन्हें अलग करता है।
स्वयं जाँचिए: यीस्ट को इस मानचित्र से गुजारिए। सुकेंद्रकी → एककोशिकीय → तो उसे प्रोटिस्टा में जाना चाहिए। परंतु उसकी कोशिका भित्ति काइटिन की होने के कारण पुस्तक उसे फंजाई में रखती है। यही एक अपवाद याद दिलाता है कि निर्णय वृक्ष एक सारांश है, नियम नहीं।
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