कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 12 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
चित्र 12.17 का अवलोकन और विश्लेषण कीजिए। आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
बाघजगतएनिमेलिया (प्राणिजगत)संघकॉर्डेटाउपसंघवर्टीब्रेटा (कशेरुकी)वर्गमैमेलिया (स्तनधारी)गणकार्निवोरा (माँसाहारी)कुलफेलिडी (विडाल)वंशपेंथेराजातिपी. टाइग्रिसमटरजगतप्लांटी (पादप जगत)संघमैग्नोलियोफाइटावर्गमैग्नोलियोप्सिडागणफेबेलीसकुलफेबेसीवंशपाइसमजातिपाइसम सेटाइवमअनेक प्रकार के जीवकेवल एक ही प्रकार
चित्र 12.17, पृष्ठ 245 — वर्गीकरण का पिरामिड, शीर्ष पर जगत से लेकर आधार पर जाति तक, बाघ तथा मटर के पौधे के उदाहरण सहित। पुनःआरेखित — पुस्तक में यही सूचना चित्रों के दो पंखों तथा उनके साथ दी गई दो तालिकाओं के रूप में छपी है।
उत्तर

वर्गीकरण एक अंतर्निहित पदानुक्रम है: यह बहुत बड़े समूहों से आरंभ होकर छोटे और अधिक विशिष्ट समूहों तक जाता है, और प्रत्येक निम्नतर स्तर पर जीव अधिक समान विशेषताएँ साझा करते हैं। प्रत्येक निम्नतर समूह अपने से ऊपर वाले समूह के भीतर पूरी तरह समाया रहता है।

जगत → संघ → वर्ग → गण → कुल → वंश → जाति
सदस्य घटते जाते हैं   साझा विशेषताएँ बढ़ती जाती हैं
बाघ मटर जगत · एनिमेलिया संघ · कॉर्डेटा उपसंघ · वर्टीब्रेटा वर्ग · मैमेलिया गण · कार्निवोरा कुल · फेलिडी वंश · पेंथेरा जाति · पी. टाइग्रिस जगत · प्लांटी संघ · मैग्नोलियोफाइटा वर्ग · मैग्नोलियोप्सिडा गण · फेबेलीस कुल · फेबेसी वंश · पाइसम जाति · पी. सेटाइवम
चित्र 12.17 को समाहित बक्सों के रूप में देखिए: हर स्तर अपने ऊपर वाले के भीतर समाया है, और हर नीचे का चरण अर्थात कम सदस्य किंतु अधिक साझा विशेषताएँ।
निष्कर्ष, अध्याय के अपने बिंब में: यह व्यवस्था एक पते (address) की तरह कार्य करती है। घर का पता देश से राज्य, जिला, गली और मकान संख्या तक सिमटता है — हर चरण पिछले के भीतर है और अंत में ठीक एक स्थान का नाम आता है। इसी प्रकार एनिमेलिया → कॉर्डेटा → वर्टीब्रेटा → मैमेलिया → कार्निवोरा → फेलिडी → पेंथेरा → पी. टाइग्रिस करोड़ों जंतुओं से सिमटकर एक जाति तक पहुँच जाता है। इसी से वैज्ञानिक जीवों की पहचान, तुलना और अध्ययन कर पाते हैं तथा उनके परस्पर संबंध समझ पाते हैं।
दूसरा निष्कर्ष — दोनों पिरामिडों की आकृति एक ही है। बाघ और मटर का पौधा जितने भिन्न हो सकते हैं उतने भिन्न हैं, फिर भी दोनों ठीक सात स्तरों से गुज़रते हैं। यह योजना सार्वभौमिक है: संपूर्ण जीवजगत पर वही सीढ़ी लगती है, और इसी से दूर-दूर के समूहों की तुलना संभव होती है।
क्या यह उपयोगी रहा?