कक्षा ४ गणित अध्याय 1 पहेलीयुक्त आकृतियाँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
छिपी हुई आकृतियों की पहचान कीजिए तथा उनके नाम लिखिए।
पुस्तक में छपा लाल रेखाओं का जाल।
उत्तर

एक-एक लाल रेखा पर उँगली फेरिए, जब तक वह वहीं न लौट आए जहाँ से शुरू हुई थी। इस जाल में पाँच आकृतियाँ छिपी हैं।

  1. एक वृत्त — बाईं ओर, एक बंद गोल वक्र;
  2. एक बेलन — खड़ा हुआ, ऊपर एक दीर्घवृत्त, नीचे एक दीर्घवृत्त और उन्हें जोड़ती दो सीधी रेखाएँ;
  3. एक वर्ग — दाईं ओर, सीधा खड़ा चतुर्भुज जिसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं;
  4. एक आयत — तिरछा चतुर्भुज, दो भुजाएँ लंबी और दो छोटी;
  5. एक त्रिभुज — ऊपर की ओर एक तीन भुजाओं वाली आकृति।
संकेत: चित्र को एक नए कागज़ पर उतारिए और एक-एक आकृति रंगीन पेंसिल से गहरी कीजिए। तब एक-दूसरे को काटती आकृतियाँ आसानी से दिख जाएँगी।
ऐसा क्यों: जहाँ रेखाएँ कटती हैं वहाँ हमारी आँखें भटक जाती हैं। भुजाओं की संख्या से पहचानिए — 3 भुजाएँ, 4 भुजाएँ या वक्र — तो काम आसान हो जाता है।
प्र2.
त्रिभुज को 1 वर्ग और 2 त्रिभुजों में विभाजित करने के लिए 2 रेखाएँ खींचिए।
पुस्तक के बिंदु-जाल पर बना त्रिभुज।
उत्तर

तिरछी भुजा के बीच वाले बिंदु का उपयोग कीजिए। दोनों रेखाएँ वहीं समाप्त होती हैं।

  1. त्रिभुज का ऊपर-बाएँ वाला कोना समकोण है। उसकी दोनों सीधी भुजाएँ 4-4 बिंदु लंबी हैं।
  2. तिरछी भुजा का बीच वाला बिंदु ढूँढ़िए — वह दोनों सिरों से 2-2 बिंदु दूर है।
  3. रेखा 1: उस बीच वाले बिंदु से सीधे ऊपर की भुजा तक खींचिए; वह कोने से 2 बिंदु दूर मिलेगी।
  4. रेखा 2: उसी बिंदु से सीधे बाईं भुजा तक खींचिए; वह कोने से 2 बिंदु नीचे मिलेगी।

अब ऊपर-बाएँ कोने पर 1 वर्ग और उसके दोनों ओर 2 त्रिभुज बन गए हैं।

वही त्रिभुज, जिसमें दोनों रेखाएँ खींच दी गई हैं।
ऐसा क्यों: दोनों नई रेखाएँ 2-2 बिंदु लंबी हैं और दोनों भुजाओं से समकोण पर मिलती हैं। बराबर भुजाओं वाले चार समकोण मिलकर वर्ग बनाते हैं और बचे हुए दोनों टुकड़ों में 3-3 भुजाएँ हैं।
प्र3.
इस वर्ग को 3 त्रिभुजों में विभाजित करने के लिए 2 रेखाएँ खींचिए।
पुस्तक के बिंदु-जाल पर बना वर्ग।
उत्तर

पहले एक विकर्ण खींचिए, फिर भीतर एक और रेखा।

  1. रेखा 1: ऊपर-बाएँ कोने को नीचे-दाएँ कोने से जोड़िए। अब वर्ग 2 त्रिभुजों में बँट गया।
  2. उस रेखा का मध्य बिंदु अंकित कीजिए — वही वर्ग का केंद्र है।
  3. रेखा 2: ऊपर-दाएँ कोने को उस मध्य बिंदु से जोड़िए। इससे ऊपर वाला त्रिभुज 2 छोटे त्रिभुजों में बँट जाता है।
रेखा 1 के बाद: 2 त्रिभुज
रेखा 2 उनमें से एक को दो भागों में बाँटती है: 2 – 1 + 2 = 3 त्रिभुज
वही वर्ग, जिसमें दोनों रेखाएँ खींच दी गई हैं।
यह भी कीजिए: रेखा 2 ऊपर-दाएँ कोने से विकर्ण के किसी भी बिंदु तक जा सकती है, केवल मध्य बिंदु तक नहीं। फिर भी 3 त्रिभुज ही मिलेंगे।
ऐसा क्यों: किसी कोने से शुरू होकर त्रिभुज को काटने वाली सीधी रेखा उसे हमेशा दो त्रिभुजों में बाँट देती है। इसलिए एक अतिरिक्त कटाव 2 त्रिभुजों को 3 बना देता है।
प्र4.
दाएँ स्तंभ में दी गई छोटी आकृतियाँ प्राप्त करने के लिए बाएँ स्तंभ में दी गई आकृतियों में आवश्यक कटाव दर्शाती हुई रेखाएँ खींचिए। (क) (ख) (ग)
(A)(B)(C)
तीनों पंक्तियाँ (क), (ख) और (ग): बाएँ बड़ी आकृति और दाएँ छोटी आकृतियाँ।
उत्तर

पहले दाईं ओर की छोटी आकृतियाँ गिनिए — उसी से पता चलेगा कि कटाव से कितने टुकड़े बनने हैं।

(क) छह भुजाओं वाली आकृति → 1 आयत और 2 त्रिभुज

  • जहाँ-जहाँ नुकीला सिरा शुरू होता है, वहाँ ऊपर से नीचे 2 सीधी रेखाएँ खींचिए।
  • बीच का टुकड़ा आयत है; दोनों नुकीले सिरे त्रिभुज हैं।

(ख) वर्ग → 4 त्रिभुज

  • वर्ग के ठीक बीचोंबीच एक रेखा ऊपर से नीचे खींचिए। वह 2 लंबे आयतों में बँट जाता है।
  • इनमें से हर आयत में कोने से कोने तक एक रेखा खींचिए।
  • कुल 3 रेखाएँ, और इनसे 4 त्रिभुज बनते हैं।

(ग) त्रिभुज → 1 त्रिभुज, 1 षट्भुज और 2 छोटे त्रिभुज

  • ऊपर एक आड़ी रेखा खींचिए, जिससे नुकीला ऊपरी भाग त्रिभुज के रूप में कट जाए।
  • नीचे-बाएँ कोने पर और नीचे-दाएँ कोने पर एक-एक छोटी रेखा खींचिए, जिससे हर कोने से एक छोटा त्रिभुज कट जाए।
  • कुल 3 रेखाएँ, और बीच में बचे टुकड़े की 6 भुजाएँ हैं।
(A)(B)(C)
वही आकृतियाँ, जिनमें कटाव की रेखाएँ खींच दी गई हैं।
ऐसा क्यों: हर सीधा कटाव एक टुकड़ा और बढ़ा देता है। किसी आकृति का कोना काटने पर बचे हुए टुकड़े में एक भुजा और जुड़ जाती है — इसीलिए तीनों कोने कटने पर त्रिभुज षट्भुज बन जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा?