कक्षा ४ गणित अध्याय 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
प्रिज्म के दो एक जैसे सपाट सिरे आयतों से जुड़े होते हैं; पिरामिड में एक आधार होता है और त्रिभुज ऊपर एक ही बिंदु पर मिलते हैं। फलक सपाट पृष्ठ हैं, किनारे वे रेखाएँ हैं जहाँ दो फलक मिलते हैं और कोने वे बिंदु जहाँ किनारे मिलते हैं। इस अध्याय के हर ठोस के लिए F + V – E = 2। नेट (जाल) वही ठोस है जिसे खोलकर समतल कर दिया गया हो। जाल को उसकी बिंदुदार रेखाओं पर मोड़ने से ठोस वापस मिल जाता है। एक बिंदु पर मिलती दो रेखाएँ एक कोण बनाती हैं। समकोण से छोटा कोण न्यून कोण और बड़ा कोण अधिक कोण कहलाता है। त्रिभुज दृढ़ होता है — भुजा सरकाने पर भी उसकी आकृति नहीं बदलती। आयत, वर्ग और पंचभुज सरकाने पर झुक जाते हैं। वृत्त में परिसीमा का हर बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होता है। व्यास त्रिज्या का दुगुना होता है। किसी आकृति में जितनी भुजाएँ होती हैं, उतने ही कोण होते हैं।
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- परियोजना कार्य
- हस्तकला
- पाठ्य प्रश्न
- आइए अवलोकन करें
- त्रि-आयामी (3डी) आकृतियों का वर्गीकरण
- पाठ्य प्रश्न
- एक त्रिभुजाकार बिंदुकित (डॉटेड) कागज पर घनों के चित्रों का निर्माण
- पाठ्य प्रश्न
- जब रेखाएँ मिलती हैं
- समकोण
- न्यून कोण और अधिक कोण
- आइए करते हैं
- नलिका (स्ट्रॉ) से आकृतियाँ
- पाठ्य प्रश्न
- आइए बनाते हैं
- अद्भुत वृत्त
- आइए करते हैं
- पाठ्य प्रश्न
- पहेलीयुक्त आकृतियाँ
- पत्रक-खेल (पत्तों का खेल)
- आइए प्रयास करते हैं
- आइए प्रयास करते हैं
- आइए प्रयास करते हैं