कक्षा ४ गणित अध्याय 1 आइए अवलोकन करें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
एक पासा लीजिए। अब उस फलक को देखिए जिस पर 1 लिखा है। 1 लिखे हुए फलक के विपरीत फलक पर 6 होता है। निम्नलिखित फलकों के विपरीत फलक कौन-से होंगे? (क) जिस फलक पर 2 लिखा है (ख) जिस फलक पर 3 लिखा है (ग) जिस फलक पर 4 लिखा है
फलक 1फलक 5फलक 3
पुस्तक का पासा। इसके तीन फलक दिखाई दे रहे हैं: सामने 1, ऊपर 5 और दाईं ओर 3।
उत्तर

पासे में आमने-सामने के दो फलकों का योग हमेशा 7 होता है।

1 + 6 = 7  (यह जोड़ा पुस्तक ने दिया है)
(क) 2 + 5 = 7  → 2 के विपरीत फलक पर 5
(ख) 3 + 4 = 7  → 3 के विपरीत फलक पर 4
(ग) 4 + 3 = 7  → 4 के विपरीत फलक पर 3
ऐसा क्यों: पासे में 6 फलक होते हैं और 1 से 6 तक की संख्याएँ जोड़ों में रखी जाती हैं — हर जोड़ा आमने-सामने। ये जोड़े हैं 1 और 6, 2 और 5, 3 और 4 — हर जोड़े का योग 7 है।
स्वयं जाँचिए: एक पासा लीजिए। जिस फलक को आप मेज़ पर रखेंगे, ऊपर वाली संख्या हमेशा 7 में से नीचे वाली संख्या घटाने पर मिलेगी।
प्र2.
(क) फलक 1 के साथ किन फलकों के किनारे लगते हैं?
फलक 1फलक 5फलक 3
पुस्तक का पासा। इसके तीन फलक दिखाई दे रहे हैं: सामने 1, ऊपर 5 और दाईं ओर 3।
उत्तर

फलक 2, 3, 4 और 5

  • फलक 1 एक वर्ग है, इसलिए उसके 4 किनारे हैं।
  • इन चारों किनारों में से हर किनारा एक बगल वाले फलक के साथ साझा है।
  • इन बगल वाले फलकों पर 2, 3, 4 और 5 हैं।
ऐसा क्यों: घन का हर फलक अपने चारों ओर के चार फलकों से लगता है। केवल ठीक पीछे वाला फलक उससे बिलकुल नहीं लगता।
प्र3.
(ख) कौन-से फलक का फलक 1 के साथ कोई किनारा नहीं लगता है?
फलक 1फलक 5फलक 3
पुस्तक का पासा। इसके तीन फलक दिखाई दे रहे हैं: सामने 1, ऊपर 5 और दाईं ओर 3।
उत्तर

फलक 6

  • 6 वह फलक है जो 1 के विपरीत है।
  • घन के विपरीत फलक एक-दूसरे से दूर होते हैं — वे कभी नहीं मिलते।
  • इसलिए उनका न कोई कोना साझा है, न कोई किनारा।
ऐसा क्यों: घन में 6 फलक होते हैं। एक फलक अपने 4 किनारों से 4 फलकों को छूता है; बचता है ठीक एक फलक जिसे वह नहीं छूता — उसका विपरीत फलक।
प्र4.
नीचे दिए गए एक ही घन की तीन विभिन्न स्थितियों को देखिए और बताइए — (क) लाल रंग वाले फलक के ठीक विपरीत फलक का रंग क्या होगा?
123
एक ही घन की तीन विभिन्न स्थितियाँ, जैसी पुस्तक में दी गई हैं।
उत्तर

लाल फलक के विपरीत फलक का रंग बैंगनी है।

कैसे पता करें: कोई फलक और उसका विपरीत फलक एक साथ कभी दिखाई नहीं देते।

  • पहली स्थिति में लाल फलक के साथ हरा और नारंगी दिख रहे हैं। अत: ये दोनों लाल के विपरीत नहीं हैं।
  • तीसरी स्थिति में लाल फलक के साथ नीला और पीला दिख रहे हैं। अत: ये भी लाल के विपरीत नहीं हैं।
  • छह रंग हैं — लाल, हरा, नारंगी, बैंगनी, नीला और पीला। लाल के साथ चार रंग दिख चुके, इसलिए बचा केवल बैंगनी
ऐसा क्यों: दो विपरीत फलक उलटी दिशाओं में देखते हैं, इसलिए घन के किसी एक चित्र में वे दोनों एक साथ कभी नहीं दिख सकते।
प्र5.
(ख) पीले रंग वाले फलक के ठीक विपरीत फलक का रंग क्या होगा?
123
एक ही घन की तीन विभिन्न स्थितियाँ, जैसी पुस्तक में दी गई हैं।
उत्तर

पीले फलक के विपरीत फलक का रंग नारंगी है।

कैसे पता करें: जो रंग जुड़ चुके हैं उन्हें जोड़ों में रखते जाइए।

  • लाल का जोड़ा बैंगनी है (पिछले प्रश्न में मिला)।
  • तीसरी स्थिति में पीले के साथ नीला और लाल दिख रहे हैं — अत: पीला इनमें से किसी के विपरीत नहीं है।
  • पीले के लिए बचे केवल हरा और नारंगी। पहली स्थिति में ऊपर नारंगी और दाईं ओर हरा है; तीसरी में ऊपर लाल और दाईं ओर पीला। घन को पहली से तीसरी स्थिति में घुमाने पर नारंगी फलक पीछे चला जाता है और पीला दाईं ओर सामने आ जाता है। अत: पीला और नारंगी ही जोड़ा है।
  • तब अंतिम जोड़ा हरा और नीला होगा।
लाल ↔ बैंगनी
पीला ↔ नारंगी
हरा ↔ नीला
ऐसा क्यों: घन में विपरीत फलकों के ठीक तीन जोड़े होते हैं। दो जोड़े पता चलते ही तीसरा अपने आप तय हो जाता है — बचे हुए दो रंग एक-दूसरे के सामने ही होंगे।
प्र6.
इस पृष्ठ के किनारों पर दी गई आकृतियों के लिए नीचे दिए गए निर्देशों का अनुपालन कीजिए। 1. आयताकार फलक वाली सभी आकृतियों में लाल रंग भरिए। 2. त्रिभुजाकार फलक वाली आकृतियों पर स्मितमुद्रा (स्माइली) बनाइए। 3. वक्रीय फलक वाली आकृतियों पर एक तारा बनाइए। 4. ऐसी सभी आकृतियों में नीला रंग भरिए जिनमें कोई कोना नहीं है। 5. ऐसी आकृतियों पर घेरा लगाइए जिनके विपरीत फलक समान हैं।
घनघनाभत्रिभुजाकार प्रिज्मगोलाबेलनशंकु
पृष्ठ के किनारों पर बनी ठोस आकृतियों के प्रकार।
उत्तर

किनारे की हर वस्तु देखिए, पहचानिए कि वह कौन-सी ठोस आकृति है, फिर पाँचों निर्देशों का पालन कीजिए। यह सारणी पहचानने में सहायता करेगी।

किनारे की वस्तुयह हैलालस्माइलीतारानीलाघेरा
पासा, रूबिक घनघनहाँनहींनहींनहींहाँ
रबड़, उपहार का डिब्बा, माचिसघनाभहाँनहींनहींनहींहाँ
पनीर का टुकड़ा, लकड़ी का फाँक, केक का टुकड़ात्रिभुजाकार प्रिज्महाँहाँनहींनहींहाँ
टेनिस गेंद, फुटबॉलगोलानहींनहींहाँहाँनहीं
डिब्बा, पेंसिल-बॉक्सबेलननहींनहींहाँहाँहाँ
आइसक्रीम कोन, जन्मदिन की टोपीशंकुनहींनहींहाँनहींनहीं
हीरे जैसी आकृतिदो पिरामिड जुड़े हुएनहींहाँनहींनहींनहीं

हर स्तंभ का कारण

  • लाल — घन, घनाभ और प्रिज्म सभी में सपाट आयताकार फलक होते हैं।
  • स्माइली — केवल फाँक जैसी प्रिज्म और नुकीली आकृतियों में त्रिभुजाकार फलक हैं।
  • तारा — गेंद, डिब्बा और शंकु ही ऐसे हैं जिनमें वक्रीय फलक है।
  • नीला — गेंद और डिब्बे में कोई कोना नहीं है। (शंकु में ऊपर एक नुकीला कोना है, इसलिए उसमें नीला रंग नहीं भरेंगे।)
  • घेरा — घन, घनाभ, प्रिज्म और बेलन — इन सबके दोनों सिरे बिलकुल एक जैसे हैं।
ऐसा क्यों: हर निर्देश एक ही बात पूछता है — फलक का प्रकार, कोना, या एक जैसे सिरे — इसलिए एक ही वस्तु पर एक से अधिक चिह्न भी लग सकते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?