कक्षा ४ गणित अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
शिव द्वारा की गई व्यवस्था का वर्णन कीजिए और सिक्कों की संख्या लिखिए।
4
शिव के सिक्कों के पैकेट। एक त्रिभुज में संख्या पहले से भरी है।
उत्तर
4
शिव के सिक्कों के पैकेट। एक त्रिभुज में संख्या पहले से भरी है।

शिव की व्यवस्था: वह अपने सिक्के दो-दो करके, पंक्ति दर पंक्ति रखता है। हर पंक्ति पूरी है। पैकेट पूरा होने पर कोई सिक्का अकेला नहीं बचता

उसकी संख्याएँ हैं:

4, 14, 12, 6, 8

छोटी से बड़ी के क्रम में — 4, 6, 8, 12, 14।

इनमें से हर संख्या युग्मों में बँट जाती है:

  • 4 = 2 युग्म
  • 6 = 3 युग्म
  • 8 = 4 युग्म
  • 12 = 6 युग्म
  • 14 = 7 युग्म
ऐसा क्यों होता है: जो संख्या दो की हर पंक्ति भर देती है, वह दो बच्चों में बराबर बँट जाती है। ऐसी संख्याओं को सम संख्याएँ कहते हैं।
संकेत: किसी भी संख्या की जाँच के लिए बार-बार 2 घटाते जाइए। यदि अंत में 0 बचे, तो संख्या सम है।
प्र2.
शर्ली द्वारा की गई व्यवस्था का वर्णन कीजिए और उसके सिक्कों की संख्या लिखिए।
35
शर्ली के सिक्कों के पैकेट। दो त्रिभुजों में संख्या पहले से भरी है।
उत्तर
35
शर्ली के सिक्कों के पैकेट। दो त्रिभुजों में संख्या पहले से भरी है।

शर्ली की व्यवस्था: वह भी सिक्के दो-दो करके रखती है। पर हर पैकेट की अंतिम पंक्ति में केवल एक सिक्का होता है। एक सिक्का सदा बच जाता है।

उसकी संख्याएँ हैं:

3, 11, 17, 1, 7, 5

छोटी से बड़ी के क्रम में — 1, 3, 5, 7, 11, 17।

6 → 3 युग्म7 → 3 युग्म, 1 बचा
युग्म बनाना — 6 पूरी तरह युग्मों में बँट जाता है, 7 में एक हमेशा बच जाता है।

उसकी हर संख्या कुछ युग्म और एक बचा हुआ सिक्का है:

  • 3 = 1 युग्म + 1
  • 5 = 2 युग्म + 1
  • 7 = 3 युग्म + 1
  • 11 = 5 युग्म + 1
  • 17 = 8 युग्म + 1
  • 1 = कोई युग्म नहीं, केवल 1
ऐसा क्यों होता है: जो संख्या एक को बाहर छोड़ देती है, वह दो बच्चों में बराबर नहीं बँटती। ऐसी संख्याओं को विषम संख्याएँ कहते हैं।
संकेत: शिव और शर्ली की संख्याएँ संख्या-रेखा पर अगल-बगल बैठती हैं — 1, 2, 3, 4, 5, 6 … एक विषम, एक सम, बारी-बारी से।
प्र3.
1 से 20 के बीच की संख्याओं में सम और विषम संख्याएँ पहचानिए। आप संख्याओं की युग्मन व्यवस्था को यहाँ दर्शा सकते हैं।
विषमसम
पुस्तक में छपे दोनों बॉक्स, भरने के लिए खाली।
उत्तर
विषमसम
पुस्तक में छपे दोनों बॉक्स, भरने के लिए खाली।

हर संख्या के युग्म बनाकर देखिए। यदि एक बच जाए, तो वह संख्या विषम है।

विषम1, 3, 57, 9, 1113, 15, 1719सम2, 4, 68, 10, 1214, 16, 1820
वही दोनों बॉक्स, भरे हुए।
विषम1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19
सम2, 4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20

दो संख्याओं की युग्मन व्यवस्था इस तरह दिखती है:

6 → 3 युग्म7 → 3 युग्म, 1 बचा
युग्म बनाना — 6 पूरी तरह युग्मों में बँट जाता है, 7 में एक हमेशा बच जाता है।

1 से 20 तक 10 विषम और 10 सम संख्याएँ हैं। वे बारी-बारी से आती हैं — 1 विषम, 2 सम, 3 विषम, 4 सम …

ऐसा क्यों होता है: संख्या में 1 जोड़ने पर या तो अकेले पड़े सिक्के को साथी मिल जाता है, या एक नया सिक्का अकेला रह जाता है। इसलिए सम और विषम बारी-बारी से ही आएँगे।
संकेत: यदि प्रश्न में केवल 1 और 20 के बीच की संख्याएँ लेनी हों, तो 1 और 20 छोड़ दीजिए। तब 9 विषम और 9 सम संख्याएँ मिलेंगी।
प्र4.
क्या आपको लगता है कि 2 के पहाड़े में सभी गुणनफल सम संख्याएँ हैं?
उत्तर

हाँ। 2 के पहाड़े का हर गुणनफल सम संख्या है।

2 × 1 = 2    2 × 2 = 4    2 × 3 = 6    2 × 4 = 8    2 × 5 = 10
2 × 6 = 12   2 × 7 = 14   2 × 8 = 16   2 × 9 = 18   2 × 10 = 20

हर गुणनफल का इकाई अंक देखिए — 2, 4, 6, 8, 0, 2, 4, 6, 8, 0। वह सदा 0, 2, 4, 6 या 8 है, इसलिए हर गुणनफल सम है।

ऐसा क्यों होता है: 2 का पहाड़ा दो-दो लेकर बनता है। 2 × 7 का अर्थ है सिक्कों के 7 युग्म। युग्मों में कभी एक सिक्का अकेला नहीं बचता, इसलिए गुणनफल सम ही होगा।
स्वयं जाँचिए: 2 × 9 = 18 बटन लेकर दो-दो की नौ पंक्तियाँ बनाइए। एक भी बटन अकेला नहीं बचेगा।
क्या यह उपयोगी रहा?