कक्षा ४ गणित अध्याय 3 रुपये-पैसों के साथ पैटर्न (प्रतिरूप) के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
यह कितनी धनराशि है? ................. (पहला पैटर्न)पहला पैटर्न (प्रतिरूप) — एक सिक्के के चारों ओर आठ सिक्के।
उत्तर
पहला पैटर्न (प्रतिरूप) — एक सिक्के के चारों ओर आठ सिक्के।
यह धनराशि ₹80 है।
सिक्कों को एक-एक करके मत जोड़िए। पहले एक जैसे सिक्कों को अलग-अलग कर लीजिए।
सिक्का
कितने
मूल्य
₹10
4
10 + 10 + 10 + 10 = ₹40
₹5
4
5 + 5 + 5 + 5 = ₹20
₹20
1
₹20
40 + 20 = 60 60 + 20 = ₹80
ऐसा क्यों होता है: एक ही मूल्य के सिक्के जल्दी जुड़ जाते हैं, इसलिए उन्हें साथ रखने से काम कम हो जाता है।
संकेत: यहाँ सिक्के 9 हैं — 8 गोलाई में और 1 बीच में। सिक्के गिनना और धनराशि गिनना दो अलग-अलग काम हैं।
प्र2.
यह धनराशि कितनी है? ................. (दूसरा पैटर्न)दूसरा पैटर्न (प्रतिरूप) — ₹10 के छह नोट किनारा बनाते हैं। कोनों पर चार छोटे चाँदी जैसे सिक्के हैं।
उत्तर
दूसरा पैटर्न (प्रतिरूप) — ₹10 के छह नोट किनारा बनाते हैं। कोनों पर चार छोटे चाँदी जैसे सिक्के हैं।
नोट और ₹5 के सिक्के मिलकर ₹100 बनते हैं। इसके बाद कोनों के चार छोटे सिक्के जोड़िए।
मुद्रा
कितने
मूल्य
₹10 के नोट
6
10 + 10 + 10 + 10 + 10 + 10 = ₹60
₹5 के सिक्के
8
5 × 8 = ₹40
छोटे चाँदी जैसे सिक्के
4
अपनी पुस्तक में देखिए
60 + 40 = ₹100 फिर कोनों के चार सिक्के जोड़िए
कोनों के चारों सिक्के पुस्तक में बहुत छोटे छपे हैं, इसलिए उन पर लिखी संख्या साफ़ नहीं पढ़ी जाती। अपनी पुस्तक में कोनों के सिक्के देखिए। यदि हर सिक्का ₹1 का है तो कुल 100 + 4 = ₹104 होगा। यदि हर सिक्का ₹2 का है तो कुल 100 + 8 = ₹108 होगा।
ऐसा क्यों होता है: किनारा, कोने और बीच का भाग — ये तीन साफ़ समूह हैं। अठारह मुद्राओं को एक-एक करके जोड़ने से समूह जोड़ना आसान है।
संकेत: नोट भी सिक्कों की तरह ही गिने जाते हैं। ₹10 का नोट और ₹10 का सिक्का बराबर मूल्य के हैं।
प्र3.
आपने इनकी गिनती कैसे की? कक्षा में चर्चा कीजिए।पहला पैटर्न (प्रतिरूप) — एक सिक्के के चारों ओर आठ सिक्के।दूसरा पैटर्न (प्रतिरूप) — ₹10 के छह नोट किनारा बनाते हैं। कोनों पर चार छोटे चाँदी जैसे सिक्के हैं।
उत्तर
पहला पैटर्न (प्रतिरूप) — एक सिक्के के चारों ओर आठ सिक्के।दूसरा पैटर्न (प्रतिरूप) — ₹10 के छह नोट किनारा बनाते हैं। कोनों पर चार छोटे चाँदी जैसे सिक्के हैं।
कक्षा में बताने के तीन अच्छे तरीके नीचे दिए हैं। इनमें से कोई भी सही है।
एक जैसे सिक्के साथ रखिए। सारे ₹10 के सिक्के एक ओर, सारे ₹5 के सिक्के दूसरी ओर। हर समूह का मूल्य निकालिए, फिर समूह जोड़िए।
आकृति के साथ चलिए। पहले चित्र में गोलाई के सिक्के गिनिए, फिर बीच का सिक्का। दूसरे चित्र में पहले नोटों का किनारा, फिर कोने, फिर बीच के सिक्के।
छलाँग लगाकर गिनिए। ₹5 के सिक्कों के लिए कहिए — 5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40। ₹10 के नोटों के लिए कहिए — 10, 20, 30, 40, 50, 60।
पहला पैटर्न: 40 + 20 + 20 = ₹80 दूसरा पैटर्न: 60 + 40 = ₹100, फिर कोनों के चार सिक्के
ऐसा क्यों होता है: मुद्राएँ जान-बूझकर पैटर्न में रखी गई हैं। पैटर्न आँख को बताता है कि एक समूह कहाँ समाप्त हुआ और अगला कहाँ शुरू हुआ, इसलिए गिनती में जगह नहीं भूलती।
यह कीजिए: अपने साथी से उसी चित्र को दूसरी विधि से गिनवाइए। दोनों की धनराशि एक ही आनी चाहिए — विधि बदल सकती है, धन नहीं।
प्र4.
₹36, ₹125 और ₹183 को दर्शाने के लिए 1, 2, 5 और 10 रुपयों की खेल-मुद्रा का उपयोग कीजिए। अपने सहपाठियों से पूछिए कि यह कितना धन है।
उत्तर
₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 की अपनी खेल-मुद्रा निकालिए और इसी क्रम से काम कीजिए।
पहले जितने ₹10 लग सकें उतने लीजिए, पर धनराशि से आगे मत बढ़िए।
फिर ₹5, फिर ₹2, फिर ₹1 लगाकर धनराशि पूरी कीजिए।
मुद्रा को किसी सुंदर पैटर्न में सजाइए — पंक्ति, गोलाई या वर्ग।
अपने साथी से उसे गिनकर धनराशि बोलने को कहिए।
नमूना उत्तर:
धनराशि
₹10
₹5
₹2
₹1
जाँच
₹36
3
1
0
1
30 + 5 + 1 = 36
₹125
12
1
0
0
120 + 5 = 125
₹183
18
0
1
1
180 + 2 + 1 = 183
दूसरे तरीके भी सही हैं। ₹36 के लिए 3 दस और 3 दो भी लिए जा सकते हैं, क्योंकि 30 + 6 = 36।
ऐसा क्यों होता है: सबसे बड़े नोट से शुरू करने पर ढेर छोटा रहता है, इसलिए साथी को गिनने में कम मेहनत लगती है।
स्वयं जाँचिए: अपनी सजावट को दो अलग-अलग क्रमों में दो बार गिनिए। दोनों बार वही धनराशि आए, तो सजावट सही है।