तैयार दोसा — दो फाँकों पर मसालेदार प्याज और एक फाँक पर सदाबहार आलू।
ऐसा क्यों होता है: रेखा के नीचे की संख्या 3 बताती है कि कितनी बराबर फाँकें काटनी हैं। ऊपर की संख्या बताती है कि उनमें से कितनी फाँकों पर वह सामग्री रखनी है।
प्र2.
सदाबहार आलू की 3/8 टॉपिंग्स, चिली पनीर की 1/8 टॉपिंग्स एवं चटपटे टमाटर की 4/8 टॉपिंग्स के साथ एक दोसा बनाइए।
उत्तर
दोसे को 8 बराबर फाँकों में काटिए और उन्हें 3, 1 तथा 4 में बाँटिए।
ऐसा क्यों होता है: तीनों भिन्नों में नीचे 8 है, इसलिए तीनों एक ही आकार की फाँकें गिनती हैं। फाँकों का जोड़ 8 आना चाहिए।
प्र3.
मीना के पास 8 दीपक हैं। उसके 1/4 दीपकों को लाल रंग से रंगिए। 1/4 जानने के लिए आइए दीपकों की संख्या को 4 बराबर भागों में विभाजित कर लेते हैं। क्या आप देख सकते हैं कि कैसे दीपकों को 4 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है? अब 2 दीपकों को लाल रंग से रंगिए।
उत्तर
8 दीपकों के 2-2 के 4 बराबर समूह बनाइए। एक समूह में 2 दीपक हैं, इसलिए 8 का 1/4 भाग 2 दीपक है।
मीना के 8 दीपक। लाल बिंदुदार रेखाएँ उन्हें 4 बराबर समूहों में बाँटती हैं।
8 दीपक 4 बराबर समूहों में
8 = 2 + 2 + 2 + 2
हर समूह में 2 दीपक
अर्थात 8 का 1/4 = 2 दीपक
चार समूहों में से एक समूह — यानी दो दीपक — लाल रंग से रंगे गए हैं।
ऐसा क्यों होता है: समूह का भाग निकालना रोटी का भाग निकालने जैसा ही है। पहले बराबर समूह बनाते हैं, फिर भिन्न जितने समूह माँगती है उतने लेते हैं।
यह कीजिए: इसी तरह 8 दीपकों का 1/2 भाग 4 दीपक और 1/8 भाग 1 दीपक होता है।