प्र1.
क्या आपने कभी अपने नल अथवा जल-शोधक (वाटर प्यूरिफायर) से टपकती हुई पानी की बूँदों को देखा है? क्या आपने कभी सोचा है कि इस प्रकार धीरे-धीरे टपकने से कितनी मात्रा में पानी व्यर्थ हो जाता है?
उत्तर
हाँ, धीरे-धीरे टपकती बूँदों पर ध्यान नहीं जाता, पर वे कभी रुकती नहीं।
लगभग 10 बूँदें मिलकर 1 मि.ली. बनती हैं
धीरे टपकता नल एक मिनट में लगभग 40 बार टपकता है
अर्थात् एक मिनट में लगभग 4 मि.ली. पानी व्यर्थ
धीरे टपकता नल एक मिनट में लगभग 40 बार टपकता है
अर्थात् एक मिनट में लगभग 4 मि.ली. पानी व्यर्थ
एक बूँद कुछ भी नहीं लगती, पर वह दिन-रात टपकती रहती है। धीमा रिसाव भी प्रतिदिन कई लीटर पानी व्यर्थ कर देता है।
ऐसा क्यों होता है: बूँद बहुत छोटी होती है, पर बूँदें आना बंद नहीं होता। छोटी-छोटी मात्राएँ बार-बार जुड़कर बड़ी मात्रा बन जाती हैं।
संकेत: टपकता नल दिखते ही बड़ों को बताइए। नई वाशर बहुत सस्ती आती है और बहुत पानी बचाती है।