पहेली का उत्तर है — छाया।
अब दो छूटी हुई पंक्तियाँ। इनमें एक और संकेत जोड़िए और तुक बनाए रखिए।
नमूना उत्तर — पूरी पहेली:
रंग में एक, आकार अनेक
उजाले में दिखता, जैसे हो रहस्य कोई विशेष।
साथ-साथ चलती, पर बोले न कभी,
दीवार पर, धरती पर दिखती सभी।
यह क्या है? → छाया
ये दो पंक्तियाँ भी उतनी ही सही हैं —
सुबह लंबी, दोपहर छोटी,
अंधेरा होते ही हो जाए लापता।
हर संकेत छाया पर कैसे ठीक बैठता है:
- रंग में एक — वस्तु का रंग कुछ भी हो, छाया हमेशा काली ही होती है।
- आकार अनेक — सुबह लंबी, दोपहर छोटी, शाम को फिर लंबी।
- उजाले में दिखता — प्रकाश नहीं, तो छाया नहीं।
उत्तर छाया ही क्यों है: इस पाठ में और कोई चीज ऐसी नहीं है जो हमेशा एक ही रंग की हो, जिसका आकार बदलता रहे, और जो केवल प्रकाश होने पर ही दिखे। सूर्य, चंद्रमा और तारे तो चमकीले हैं, काले नहीं।