प्र1.
क्या आप अपने परिवार या समुदाय में सूर्य या चंद्रमा से संबंधित कोई पर्व मनाते हैं? आप उन्हें अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर
पहले पता कीजिए, फिर लिखिए। यह उत्तर आपके अपने परिवार का होना चाहिए।
- माता, पिता या दादा-दादी से पूछिए कि घर के कौन-से पर्व सूर्य या चंद्रमा पर निर्भर करते हैं।
- हर पर्व के बारे में दो बातें पूछिए — हम इसे अपनी भाषा में क्या कहते हैं? और यह पूर्णिमा को है, अमावस्या को है, या सूर्य से जुड़ा है?
- नाम पहले अपनी भाषा में लिखिए, फिर हिंदी या अंग्रेजी में।
नमूना उत्तर:
| पर्व | सूर्य या चंद्रमा | अलग-अलग जगहों के नाम |
|---|---|---|
| मकर संक्रांति | सूर्य | पोंगल, माघ बिहू, उत्तरायण, लोहड़ी |
| छठ पूजा | सूर्य | छठी मैया, सूर्य षष्ठी |
| दीपावली | चंद्रमा — आकाश में चंद्रमा नहीं | दिवाली, दीपावली |
| करवा चौथ | चंद्रमा | करक चतुर्थी |
| रक्षाबंधन | चंद्रमा — पूर्णिमा | राखी, नारियल पूर्णिमा |
| गुरु पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा | चंद्रमा — पूर्णिमा | पूर्णिमा, पूनम |
| ईद | चंद्रमा — अमावस्या के बाद पहली रात | ईद-उल-फितर, चाँद रात |
इतने पर्व आकाश से क्यों जुड़े हैं: छपे हुए तिथिपत्रों से बहुत पहले लोग अपनी तिथियाँ उसी से तय करते थे जो वे देख सकते थे — चंद्रमा का आकार और सूर्य की यात्रा। उनमें से बहुत-सी तिथियाँ आज भी वैसे ही मानी जाती हैं।
संकेत: पर्व का नाम अपनी लिपि में भी लिखिए। पोंगल और Pongal एक ही दिन के नाम हैं।