कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 चर्चा कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या चंद्रमा के आकार में परिवर्तन का कोई पैटर्न है?
उत्तर

हाँ, है। आकृति एक निश्चित क्रम में बदलती है, और फिर वही क्रम दोहराया जाता है।

  1. पहले वह रात जब चंद्रमा बिल्कुल नहीं दिखताअमावस्या
  2. फिर अक्षर ‘C’ जैसी पतली आकृति।
  3. फिर ऐसा लगता है जैसे वह बीच से कट गया हो।
  4. फिर लगभग गोल, और फिर पूर्ण वृत्तपूर्णिमा
  5. उसके बाद वह रात-दर-रात फिर पतला होता जाता है, और अंत में दिखना बंद हो जाता है।
नहीं दिखता(अमावस्या)पतला ‘C’आधालगभग पूरापूरा गोल(पूर्णिमा)लगभग पूराआधापतला ‘C’फिर से अमावस्या
रात-दर-रात चंद्रमा की आकृति किस क्रम में बदलती है।

अर्थात पैटर्न यह है — पतला → आधा → पूरा → आधा → पतला → नहीं दिखता → और फिर वही क्रम।

यह क्यों महत्वपूर्ण है: क्योंकि यह पैटर्न हर बार एक ही तरह दोहराया जाता है, इसलिए लोग इससे दिन गिन सकते थे। घड़ी और छपे हुए कैलेंडर से बहुत पहले, इसी से तिथिपत्रों का आरंभ हुआ।
पुस्तक में ध्यान दीजिए: हिंदी पुस्तक पृष्ठ 160 पर लिखा है — “पंद्रह रातों में यह एक पूर्ण वृत्त होता है, जिसे पूर्णिमा कहा जाता है।” अंग्रेजी संस्करण में यहाँ कोई संख्या नहीं दी गई है, केवल “कुछ रातों में” लिखा है। आप अपनी गिनती स्वयं करके देखिए — यही इस गतिविधि का असली मजा है।
प्र2.
क्या कभी ऐसा भी होता है जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता?
उत्तर

हाँ। ऐसी रातें होती हैं जब चंद्रमा बिल्कुल दिखाई नहीं देता।

  • ऐसी रात को अमावस्या कहा जाता है।
  • यह आवधिक रूप से होता है — अर्थात हर बार उतने ही दिनों के बाद फिर से आती है।
  • दीपावली उसी दिन मनाई जाती है, जब आकाश में चंद्रमा नहीं होता। इसीलिए हम इतने दीये जलाते हैं।
  • ईद उस दिन मनाई जाती है, जब अमावस्या के बाद पहली रात को चंद्रमा दिखाई देता है।
यहाँ सावधान रहिए: बादल वाली रात अमावस्या नहीं होती। बादल वाली रात में चंद्रमा होता तो है, पर बादलों के पीछे छिपा रहता है। अमावस्या को आकाश बिल्कुल साफ हो, तब भी चंद्रमा नहीं दिखता।
पुस्तक की एक गलती: हिंदी पुस्तक पृष्ठ 160 पर लिखा है — “चंद्रमा, रात्रि के आकाश में सबसे बड़ा प्रतीत होने वाला तारा है।” चंद्रमा तारा नहीं है। अंग्रेजी पुस्तक में यहाँ “object” अर्थात वस्तु लिखा है, जो सही है। इसी पाठ में तारा केवल सूर्य को कहा गया है।
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