कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 रात्रि का आकाश के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
नीचे दिए गए बॉक्स में अपने देखे हुए एक पैटर्न का चित्र बनाइए —पुस्तक में दिया गया खाली बॉक्स।
उत्तर
पहले सचमुच रात का आकाश देखिए। उसके बाद जो देखा, वही बनाइए।
सूर्यास्त के लगभग एक घंटे बाद किसी बड़े के साथ बाहर जाइए। तेज रोशनी से दूर खुली जगह चुनिए।
पाँच मिनट रुकिए, ताकि आँखें अंधेरे की अभ्यस्त हो जाएँ। तब बहुत अधिक तारे दिखने लगेंगे।
ऐसे चमकीले तारों का समूह ढूँढ़िए जो मिलकर कोई आकृति बनाते लगें।
हर चमकीले तारे को बॉक्स में एक बिंदु के रूप में लगाइए। बिंदुओं की जगह वैसी ही रखिए जैसी आकाश में थी।
बिंदुओं को हल्की पेंसिल से जोड़िए और अपने पैटर्न को कोई नाम दीजिए।
नमूना उत्तर: सात चमकीले तारों का एक प्रसिद्ध पैटर्न। भारत में इसे सप्तर्षि कहा जाता है।
तारों के एक पैटर्न का नमूना — सात चमकीले तारे, रेखाओं से जुड़े हुए।
हमें पैटर्न क्यों दिखते हैं: तारे सचमुच एक-दूसरे से जुड़े नहीं होते। हमारी आँखें पास-पास दिखने वाले चमकीले बिंदुओं को अपने आप जोड़ लेती हैं, जैसे हम बादलों में आकृतियाँ देख लेते हैं। इसीलिए इन्हीं सात तारों को अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग नाम दिए हैं।
संकेत: आपका पैटर्न सप्तर्षि ही हो, यह जरूरी नहीं, और आपके मित्र के पैटर्न से मिलना भी जरूरी नहीं। आपने स्वयं जो तारों का समूह देखा, वही सही उत्तर है। इस गतिविधि का उद्देश्य यही है कि आप आकाश देखें।
प्र2.
अपनी चित्रकारी को अपने मित्रों के साथ साझा कीजिए और तारों के विभिन्न सामान्य पैटर्नों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर
यह काम अगले दिन कक्षा में कीजिए।
सारे चित्र एक दीवार पर लगाइए या मेज पर फैलाइए।
जिन चित्रों में तारों का वही समूह बना हो, उन्हें एक साथ रखिए।
हर मित्र से पूछिए कि उसने अपने पैटर्न को क्या नाम दिया।
कक्षा की एक सूची बनाइए — पैटर्न, किसने देखा, और उसे क्या-क्या नाम दिए गए।
आप पाएँगे कि कुछ पैटर्न बार-बार आते हैं, क्योंकि सबने एक ही आकाश देखा है। सात चमकीले तारों वाला समूह प्राय: कई बच्चे बनाते हैं। पर नाम अलग-अलग होते हैं — कोई उसे कलछी कहता है, कोई पतंग, कोई सप्तर्षि।
नमूना उत्तर: “हममें से सात बच्चों ने वही सात चमकीले तारे बनाए। आशा ने उसे ‘बड़ा चम्मच’ कहा। इकबाल ने ‘हल’ कहा। मेरी दादी उसे सप्तर्षि कहती हैं।”
यह करना क्यों उपयोगी है: साझा करने से पता चलता है कि आपके नगर में आकाश सबके लिए एक ही है, पर उसमें आकृति देखना आपकी अपनी कल्पना है। दोनों बातें एक साथ सच हैं।