प्र1.
कल्पना कीजिए कि आपके पास एक महीने तक खर्च करने लिए ₹100 हैं। आपका काम यह योजना बनाना है कि कैसे बुद्धिमानी से खर्च करें और बचत करें। स्टेशनरी, खाने-पीने की वस्तुएँ, खिलौने आदि के लिए अपने खर्चों के विषय में सोचिए। निर्धारित कीजिए कि आप अपनी गुल्लक में कितना बचाएँगे और कितना अपने खर्चों के लिए उपयोग में लाएँगे। इस योजना को बनाने के बाद सोचिए कि धन बचाने से आपको भविष्य में कैसे सहायता मिल सकती है। अपना आय-व्यय पत्रक बनाने के लिए नीचे दी गई तालिका का उपयोग कीजिए —
| श्रेणी | नियोजित राशि | आपने यह राशि ही क्यों चुनी? |
|---|---|---|
| बचत | ||
| व्यय |
उत्तर
₹ 100 को दो भागों में बाँटिए। दोनों भाग जोड़ने पर ₹ 100 ही आने चाहिए।
बचत + व्यय = ₹ 100
₹ 40 + ₹ 60 = ₹ 100
₹ 40 + ₹ 60 = ₹ 100
| श्रेणी | नियोजित राशि | आपने यह राशि ही क्यों चुनी? |
|---|---|---|
| बचत | ₹ 40 | मुझे ₹ 120 की एक कहानी की पुस्तक लेनी है। हर महीने ₹ 40 बचाने पर वह तीन महीने में आ जाएगी। |
| व्यय | ₹ 60 | कॉपी और पेंसिल के लिए ₹ 25, खाने-पीने के लिए ₹ 20 और एक छोटे खिलौने या खेल के लिए ₹ 15 चाहिए। |
स्टेशनरी ₹ 25
खाने-पीने की वस्तुएँ ₹ 20
खिलौना ₹ 15
25 + 20 + 15 = ₹ 60
खाने-पीने की वस्तुएँ ₹ 20
खिलौना ₹ 15
25 + 20 + 15 = ₹ 60
बचत से भविष्य में सहायता कैसे मिलेगी। हर महीने अलग रखे ₹ 40 तीन महीने में ₹ 120 बन जाएँगे। इतने में पुस्तक आ जाएगी। एक वर्ष में यह ₹ 480 हो जाएगी, जिससे कोई बड़ी वस्तु ली जा सकती है या कठिन महीने में घर की सहायता हो सकती है।
पहले बचाना अच्छा क्यों है: यदि आप ₹ 40 पहले ही दिन गुल्लक में डाल दें, तो वे सुरक्षित रहेंगे। महीने के अंत तक रुकेंगे, तो प्रायः कुछ बचता ही नहीं।
संकेत: आपकी राशियाँ इनसे भिन्न हो सकती हैं। बस यह देख लीजिए कि बचत और व्यय मिलाकर ठीक ₹ 100 हों।
छपाई की त्रुटि: पुस्तक में ‘एक महीने तक खर्च करने लिए’ छपा है। वहाँ ‘खर्च करने के लिए’ होना चाहिए।