कक्षा ४ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 2 अपने परिवेश को जानना के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
नव्या और दादाजी बस से घर लौटते हैं और अपने पास-पड़ोस को ध्यान से देखते हैं। बहुत पहले लोग नगाड़े की थाप, संदेशवाहकों और कबूतरों से संदेश भेजते थे। फिर डाक सेवा, टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन आए। आज हम मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग करते हैं। डाकघर डाकपेटी से पत्र एकत्र करता है, उन्हें क्षेत्र के अनुसार छाँटता है और गंतव्य तक भेजता है। उपरिगामी सेतु और मेट्रो रेल यात्रा को तीव्र बनाते हैं, किंतु वहाँ रहने वाले पशु, पक्षी और वृक्ष कम हो जाते हैं। वृक्ष लगाकर संतुलन बनाया जा सकता है। बैंक हमारा धन सुरक्षित रखता है और भविष्य के लिए बचत करने में सहायता करता है। ए.टी.एम. से किसी भी समय पैसे निकाले जा सकते हैं। चिकित्सालय, बैंक, डाकघर, पुलिस थाना, सार्वजनिक पुस्तकालय और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल सभी की सेवा करते हैं। मानचित्र में ऊपर की ओर उत्तर, नीचे की ओर दक्षिण, दाईं ओर पूर्व और बाईं ओर पश्च
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | पाठ में कहाँ आया है | यह हमारी सहायता कैसे करता है |
|---|---|---|---|
| डाकपेटी | लाल रंग की पेटी जिसमें हम पत्र डालते हैं | नव्या बस से एक कोने पर देखती है | डाकिया इसी से पत्र एकत्र करता है |
| डाकघर | पत्र और पार्सल छाँटकर भेजने का स्थान | दादाजी अपने भाई को पत्र भेजते थे | दूर रहने वाले लोगों को जोड़े रखता है |
| डाकिया | पत्र ले जाने वाला व्यक्ति | डाकपेटी से पत्र डाकघर ले जाता है | पत्र सही घर तक पहुँचते हैं |
| उपरिगामी सेतु | व्यस्त सड़क के ऊपर बना ऊँचा रास्ता | दादाजी बस से दिखाते हैं | वाहन चौराहों पर रुके बिना निकल जाते हैं |
| मेट्रो रेल | नगर की तीव्र गति वाली रेल | नव्या एक को जाते हुए देखती है | यात्रियों का समय बचाती है |
| बैंक | धन सुरक्षित रखने और बचाने का स्थान | घर लौटते समय वे इसके पास से निकलते हैं | हमारा धन भविष्य के लिए सुरक्षित रहता है |
| ए.टी.एम. | ऑटोमेटेड टेलर मशीन | बैंक के पास लगी मशीन | किसी भी समय पैसे निकाले जा सकते हैं |
| मनीऑर्डर | डाकघर के द्वारा पैसे भेजना | दादाजी युवावस्था में इसका उपयोग करते थे | फोन से पहले इसी से पैसे पहुँचते थे |
| वस्तु विनिमय प्रणाली | वस्तु के बदले वस्तु का आदान-प्रदान | किसान गेहूँ देकर दूध लेता था | बताती है कि मुद्रा क्यों बनी |
| सार्वजनिक स्थल | वह स्थान जिसकी सेवाएँ सबके लिए हैं | चिकित्सालय, बैंक, डाकघर, पुस्तकालय | समुदाय का कोई भी व्यक्ति इसका उपयोग कर सकता है |
| पहचान चिह्न (लैंडमार्क) | प्रसिद्ध स्थान जिससे रास्ता बताया जाता है | मित्र को मार्ग बताते समय | स्थान ढूँढ़ना सरल हो जाता है |
अभ्यास
- गतिविधि 1
- लिखिए
- गतिविधि 2
- चर्चा कीजिए
- लिखिए
- पता लगाइए
- लिखिए
- चर्चा कीजिए
- लिखिए
- गतिविधि 3
- लिखिए
- गतिविधि 4
- आइए विचार करें